पंजाब: विधानसभा में मंगलवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलकर ‘वीर बाल दिवस–जी राम जी’ रखने के प्रस्ताव पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगा। इस बयान को लेकर BJP ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे गलत व्याख्या बताया।
मनरेगा का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंत्री तरुणप्रीत सोंद ने सदन में पेश किया। इसी दौरान AAP विधायक मनविंदर ग्यासपुरा के एक कथित बयान—
“मोदी दी धौण ते गोड्डा रख देयांगे”
को लेकर बवाल मच गया। BJP विधायकों ने इसका अर्थ प्रधानमंत्री की “गर्दन पर घुटना रखने” जैसा बताया और इसे अपमानजनक करार दिया।
BJP विधायक अश्वनी शर्मा ने सदन में खड़े होकर कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने स्पीकर से इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हालांकि स्पीकर कुलतार संधवा ने कहा कि शब्दों को गलत तरीके से समझा गया है और यह टिप्पणी किसी गरीब वर्ग के संदर्भ में कही गई थी, न कि प्रधानमंत्री के लिए।
मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने बयान का बचाव करते हुए कहा कि पंजाबी भाषा में इस तरह के मुहावरे आम तौर पर इस्तेमाल हो जाते हैं और इन्हें शाब्दिक रूप से नहीं लेना चाहिए।
जब कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा ने बहस के दौरान हस्तक्षेप किया, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान नाराज हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके भाषण में व्यवधान डाला जा रहा है। इसके बाद स्पीकर के निर्देश पर खैहरा को सदन से बाहर कर दिया गया।
इस फैसले के बाद कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया। काफी देर तक सदन में शोर-शराबा चलता रहा, जिसे बाद में स्पीकर ने शांत कराया।
इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब की AAP सरकार पर मनरेगा में 10,653 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़कों और नहरों की सफाई के नाम पर फर्जी खर्च दिखाया गया और केंद्रीय जांच में वसूली की सिफारिश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर घोटालों की जांच करनी है तो मध्य प्रदेश और गुजरात से शुरुआत होनी चाहिए। AAP विधायकों ने कहा कि 2007 से मनरेगा की ऑडिट कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
स्पीकर ने BJP विधायक अश्वनी शर्मा को सदन में बोलते समय सिर ढकने की हिदायत दी।
मंत्री अमन अरोड़ा और अश्वनी शर्मा के बीच वीर बाल दिवस के नामकरण को लेकर तीखी बहस हुई।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सत्र को “ड्रामा” करार देते हुए सरकार पर महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने का आरोप लगाया।
विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी की पार्टी को लेकर भी सदन में विवाद खड़ा हो गया।
पंजाब विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी की भेंट चढ़ गया। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर की गई टिप्पणी ने जहां BJP और AAP को आमने-सामने ला दिया, वहीं मनरेगा घोटाले के आरोपों ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव को और गहरा कर दिया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही।
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