636 राशन डीलरों की बड़ी चोरी बेनकाब: हर डीलर पर 100 क्विंटल से ज्यादा गेहूं गायब, 135 अब भी कार्रवाई से बाहर

जयपुर। राज्य सरकार भले ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट सामने आ रही है। राजस्थान में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जहां 636 राशन डीलरों के यहां 100-100 क्विंटल या उससे अधिक गेहूं की चोरी या गंभीर गड़बड़ी पकड़ी गई है।

भजनलाल सरकार द्वारा किए गए विभागीय ऑडिट और जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। खास बात यह है कि इतने बड़े घोटाले के बावजूद अब तक केवल 501 राशन डीलरों पर ही कार्रवाई की गई है, जबकि 135 डीलर अब भी बिना किसी कार्रवाई के खुलेआम काम कर रहे हैं

टेक्नोलॉजी भी नहीं रोक पाई चोरी

सरकार ने राशन चोरी रोकने के लिए POS मशीन, फिंगरप्रिंट आधारित वितरण, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ऑनलाइन डेटा मॉनिटरिंग जैसी तकनीक लागू की है। नियम के मुताबिक उपभोक्ता के फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन के बाद ही गेहूं वितरण होना चाहिए।

लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब गोदाम से जारी गेहूं, POS मशीन से वितरण का रिकॉर्ड और दुकानों पर वास्तविक स्टॉक का मिलान किया गया, तो भारी अंतर सामने आया। कई मामलों में रिकॉर्ड में दिखाया गया गेहूं मौके पर मौजूद ही नहीं मिला।

कैसे पकड़ी गई गड़बड़ी

जांच के दौरान पाया गया कि

  • सरकारी गोदाम से जितना गेहूं आवंटित हुआ

  • POS मशीन में जितना वितरण दर्ज किया गया

  • और दुकान पर जितना स्टॉक होना चाहिए

इन तीनों में 100 क्विंटल या उससे ज्यादा का अंतर मिला। यह सीधे तौर पर गेहूं की चोरी या कालाबाजारी की ओर इशारा करता है।

पूर्वी राजस्थान में सबसे ज्यादा मामले

प्रदेशवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी राजस्थान के जिलों में गेहूं चोरी के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं।
बारां, दौसा, धौलपुर, करौली, हनुमानगढ़ और फलौदी जैसे जिलों में 25 से अधिक राशन डीलरों के यहां भारी मात्रा में गेहूं की गड़बड़ी पकड़ी गई।

गरीबों के हक पर डाका

राशन प्रणाली का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ता अनाज उपलब्ध कराना है, लेकिन इस घोटाले ने साफ कर दिया है कि गरीबों के हक का गेहूं बाजार में बेचा जा रहा है। इससे न सिर्फ सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है, बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।


निष्कर्ष

राजस्थान में सामने आया यह राशन घोटाला सरकारी दावों और जमीनी सच्चाई के बीच बड़ा अंतर दिखाता है। तकनीक के बावजूद अगर 636 राशन डीलर गेहूं चोरी कर सकते हैं और 135 पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होती, तो यह सिस्टम की गंभीर कमजोरी को उजागर करता है। जरूरत है सख्त कार्रवाई, पारदर्शी जांच और दोषियों पर तत्काल कानूनी शिकंजा कसने की, ताकि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |