पाकिस्तान को नहीं मिलेगा सिंधु का पानी: केंद्रीय मंत्री बोले- DPR तैयार, 4 राज्यों को होगा सीधा फायदा

केंद्रीय जल शक्ति: मंत्री सीआर पाटिल ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा। पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी को रोककर भारत के हित में उपयोग किया जाएगा। इससे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली को सीधा लाभ मिलेगा।

शनिवार को जयपुर में बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए पाटिल ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में कार्य योजना तैयार कर ली है और पाकिस्तान जाने वाले पानी को डायवर्ट करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) भी तैयार कर ली गई है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मजबूरी में छोड़े जाने वाले पानी पर क्या फैसला होगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यमुना जल परियोजना पर भी तेजी से काम किया जाएगा, ताकि जल प्रबंधन बेहतर हो और राज्यों को अधिक पानी मिल सके।

भारत की अर्थव्यवस्था पर बोले सीआर पाटिल

देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए पाटिल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है। सरकार ने महंगाई को नियंत्रण में रखा है और कर सुधारों का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहा है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री होने के बावजूद उनके कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10–11वें स्थान से आगे नहीं बढ़ पाया, जबकि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

यमुना जल परियोजना पर जल्द होगा काम शुरू

यमुना जल परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार पहले से था, लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए। अब हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच डीपीआर तैयार करने पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही परियोजना पर काम शुरू होगा।

उन्होंने बताया कि पाइपलाइन के जरिए पानी लाने की इस योजना की अनुमानित लागत 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपए तक हो सकती है। फिलहाल सबसे कम पानी राजस्थान के पास है, लेकिन आने वाले समय में सबसे ज्यादा पानी राजस्थान को मिलने की संभावना है।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी

सीआर पाटिल ने बताया कि राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों को यमुना का पानी उपलब्ध कराने पर भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस पर सहमति दे दी है और अब डीपीआर तैयार की जाएगी।

सरप्लस पानी का हिस्सा राजस्थान को दिलाने के लिए तकनीकी स्तर पर काम चल रहा है। संशोधित योजना की डीपीआर मंत्रालय को मिल चुकी है और उसका परीक्षण किया जा रहा है।

खेती और पेयजल प्राथमिकता

ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इसका फैसला केंद्रीय कैबिनेट करती है। सरकार का उद्देश्य यही है कि खेती और पेयजल के लिए जनता को पर्याप्त पानी मिले, चाहे निवेश किसी भी सरकार द्वारा किया जाए।

जल जीवन मिशन और कांग्रेस पर निशाना

जल जीवन मिशन पर पाटिल ने कहा कि घर-घर पानी पहुंचाना राज्यों की जिम्मेदारी है, लेकिन केंद्र सरकार ने पहली बार 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी है। योजना से जुड़ी 4 हजार से अधिक शिकायतों की जांच के लिए 119 टीमें बनाई गईं और दोषियों पर कार्रवाई हुई। राजस्थान में इस मामले में एक पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

लोकसभा में हालिया घटनाक्रम पर उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की सीट को घेरना दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद चर्चा और सवाल का मंच है, विरोध अपनी सीट से भी दर्ज कराया जा सकता है।


निष्कर्ष:

Indus River Water India नीति के तहत केंद्र सरकार पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी को भारत के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। डीपीआर तैयार होने के साथ राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली को जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। यह फैसला जल सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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