अहमदाबाद/वडोदरा। गुजरात में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य के 32 स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इनमें 17 स्कूल वडोदरा और 15 स्कूल अहमदाबाद के बताए जा रहे हैं। धमकी भरे ईमेल में भड़काऊ और देश विरोधी भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया कि “गुजरात खालिस्तान बन जाएगा” और “हिंदुस्तान टुकड़ों में बंट जाएगा।”
ईमेल सामने आते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। एहतियातन सभी स्कूलों को खाली कराया गया और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पैरेंट्स स्कूल पहुंच गए और अपने बच्चों को घर लेकर लौटे।
धमकी के बाद बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और स्थानीय पुलिस की टीमें सभी 32 स्कूलों में जांच के लिए पहुंचीं। आधे से अधिक स्कूलों की तलाशी ली जा चुकी है, जहां अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
वडोदरा के उर्मी स्कूल के छात्रावास को भी एहतियातन खाली करा लिया गया है। स्कूल बसों, पार्किंग एरिया और क्लासरूम तक की बारीकी से जांच की जा रही है।
वडोदरा पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कुमार ने बताया कि सभी टीचर्स और स्टूडेंट्स को सुरक्षित घर भेज दिया गया है। कई स्कूलों में जांच पूरी हो चुकी है और बाकी में सर्च ऑपरेशन जारी है।
उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। ईमेल किस आईडी से भेजा गया और उसका सोर्स क्या है, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या किसी संगठित साजिश का हिस्सा।
कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्कूल प्रशासन की ओर से समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे चिंता और बढ़ गई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और सभी कदम पुलिस के निर्देशानुसार उठाए गए।
उत्तराखंड के नैनीताल में जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए एक निश्चित समय तक कोर्ट परिसर को उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर खाली कराया गया और जांच शुरू की गई।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, मेरठ और आजमगढ़ समेत 18 जिलों की अदालतों को भी ईमेल से धमकी दी गई थी। लगातार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
लगातार मिल रही ईमेल धमकियों के बाद देशभर में स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे अक्सर साइबर आतंक या दहशत फैलाने की साजिश होती है, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।
फिलहाल गुजरात पुलिस और साइबर सेल पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। प्रारंभिक जांच में अब तक किसी विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
गुजरात के 32 स्कूलों को मिली बम की धमकी ने एक बार फिर स्कूल सुरक्षा और साइबर निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अभी तक किसी विस्फोटक के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह शरारती तत्वों की करतूत है या किसी बड़े नेटवर्क की साजिश।
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