महवा। दौसा जिले के महवा क्षेत्र में स्थित मंडावर नगर पालिका में बुधवार को उस समय माहौल गरमा गया जब पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला और कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी प्रकाश चंद मीणा के बीच तीखी बहस हो गई। मामला चार माह से वेतन नहीं मिलने से परेशान सफाईकर्मियों की शिकायत से जुड़ा है।
बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला नगरपालिका के सामने से गुजर रहे थे। तभी वहां मौजूद सफाईकर्मियों ने उन्हें रोककर चार महीने से वेतन नहीं मिलने की शिकायत की। कर्मचारियों का कहना था कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवारों पर संकट खड़ा हो गया है।
इसी दौरान कार्यवाहक ईओ प्रकाश चंद मीणा बाइक से वहां से गुजर रहे थे। पूर्व विधायक ने उन्हें रुकवाकर वेतन भुगतान में देरी का कारण पूछा। इसी दौरान दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
विवाद के दौरान ओमप्रकाश हुडला ने ईओ से कहा कि सफाई कर्मियों का वेतन रोके रखना गलत है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो जवाब देना होगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बहस के दौरान उन्होंने कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए चेतावनी दी—“मुंह से खाया नाक से निकलवा लूंगा।”
हालांकि बाद में पूर्व विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया, बल्कि कर्मचारियों के हक की बात की।
बहस के बाद ओमप्रकाश हुडला सफाईकर्मियों के साथ नगरपालिका गेट के सामने धरने पर बैठ गए। इस दौरान वहां कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कर्मचारियों ने भी बकाया वेतन तुरंत जारी करने की मांग दोहराई।
करीब कुछ समय बाद प्रशासन की ओर से दो दिन के भीतर भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद पूर्व विधायक और सफाईकर्मी धरने से उठ गए।
ओमप्रकाश हुडला ने कहा कि वे सिर्फ कर्मचारियों की समस्या सुनने के लिए रुके थे। ईओ से जब भुगतान में देरी का कारण पूछा गया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का चार महीने का वेतन लंबित रहना गंभीर विषय है और इसे प्राथमिकता से सुलझाया जाना चाहिए।
वहीं कार्यवाहक ईओ प्रकाश चंद मीणा ने कहा कि वे एसडीओ कोर्ट जा रहे थे, तभी पूर्व विधायक ने उन्हें रोका और कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि वेतन भुगतान में देरी ठेकेदार स्तर पर हुई है और जल्द ही सफाईकर्मियों का बकाया भुगतान करा दिया जाएगा।
घटना के बाद महवा और दौसा जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर इसे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप दोनों नजरियों से देखा जा रहा है।
सफाईकर्मियों की आर्थिक स्थिति और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
महवा की मंडावर नगरपालिका में वेतन को लेकर हुआ यह विवाद प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारियों की समस्याओं को उजागर करता है। पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला का हस्तक्षेप कर्मचारियों के लिए राहत का कारण बना, लेकिन इस घटनाक्रम ने स्थानीय निकायों में भुगतान प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दो दिन में सफाईकर्मियों को उनका बकाया वेतन मिल पाता है या नहीं।
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