लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ रविवार को सियासी अखाड़ा बन गई। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य भवन चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने न केवल बांग्लादेश का पुतला फूँका, बल्कि उसे सड़क पर रखकर पैरों तले कुचला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने जबरन कार्यकर्ताओं को बस में भरकर ईको गार्डन भेज दिया।
"शेख हसीना को वापस भेजो" प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जिलाध्यक्ष इरम ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों का खून बहाया जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी मौन साधे हुए हैं। जिस शेख हसीना को बांग्लादेश ने भगोड़ा घोषित कर दिया, उसे भारत में बैठाकर जनता के टैक्स के पैसों से बिरयानी खिलाई जा रही है। उन्हें तत्काल वापस बांग्लादेश भेजा जाना चाहिए।"
अडानी और बिजली सप्लाई पर उठाए सवाल पार्टी के प्रवक्ता प्रतिपाल सिंह ने प्रदर्शन के दौरान गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने मित्र उद्योगपतियों के फायदे के लिए देश के स्वाभिमान से समझौता कर रही है। सिंह ने मांग की कि अडानी ग्रुप द्वारा झारखंड से बांग्लादेश को दी जा रही बिजली सप्लाई को तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा, "भाजपा खुद को हिंदुओं की हितैषी बताती है, लेकिन आज जब पड़ोसी देश में हिंदू संकट में हैं, तो सरकार केवल अपनी कुर्सी बचाने और उद्योगपतियों का मुनाफा करवाने में व्यस्त है।"
पुलिस की सख्ती: जिलाध्यक्ष को टांगकर ले गई पुलिस प्रदर्शन के दौरान माहौल तब गरमा गया जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया।
जिलाध्यक्ष इरम को महिला पुलिसकर्मियों ने टांगकर गाड़ी में बैठाया।
धक्का-मुक्की के दौरान प्रवक्ता प्रतिपाल सिंह सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें पुलिस ने उठाकर वैन में डाला।
कार्यकर्ताओं ने 'बांग्लादेश मुर्दाबाद' और 'केंद्र सरकार होश में आओ' के जमकर नारे लगाए।
देश के अंदर भी बेटियां असुरक्षित: AAP इरम ने मेरठ की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा का 'यमराज' वाला दावा खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, "न देश के बाहर हिंदू सुरक्षित हैं और न देश के अंदर बेटियां। मेरठ में दलित महिला के साथ जो हुआ, उस पर सरकार की चुप्पी बताती है कि इन्हें सिर्फ सत्ता से मतलब है।"
लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक विरोध मात्र नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी द्वारा आगामी चुनावों से पहले 'हिंदुत्व' के मुद्दे पर भाजपा को उसी के पिच पर घेरने की कोशिश है। बांग्लादेश के बहाने शेख हसीना और अडानी को निशाने पर लेकर AAP ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रव्यापी बनाने की तैयारी में है। अब देखना यह है कि क्या यह 'बिरयानी पॉलिटिक्स' का आरोप सरकार को किसी ठोस कार्रवाई के लिए मजबूर करेगा।
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