KGMU में लव जिहाद–धर्मांतरण केस से हड़कंप: PAC तैनात, STF जांच शुरू; कई डॉक्टरों पर गिर सकती है गाज

लखनऊ | किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए लव जिहाद और धर्मांतरण प्रकरण ने पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बना दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कैंपस में PAC तैनात कर दी गई है, जबकि अब इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंप दी गई है। सूत्रों के मुताबिक STF की जांच में कई डॉक्टर और कर्मचारी बेनकाब हो सकते हैं।

सोमवार को KGMU की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच स्थगित कर दी गई और सभी दस्तावेज सील कर कुलपति कार्यालय में सुरक्षित रखे गए हैं।


20 दिन चली आंतरिक जांच, अब STF की एंट्री

25 दिसंबर को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद द्वारा गठित 5 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने करीब 20 दिनों में आधा दर्जन से ज्यादा बैठकें की थीं। इस दौरान पैथोलॉजी विभाग के फैकल्टी, स्टाफ और संबंधित लोगों के अकेले-अकेले बयान दर्ज किए गए।

जांच के दौरान कमेटी के एक्सपर्ट सदस्य और पूर्व डीजीपी भावेश कुमार सिंह ने कई फैकल्टी मेंबर्स से निजी तौर पर बातचीत की। इसी दौरान जब गहरी साजिश के संकेत मिले, तब जांच STF को सौंपने की सिफारिश की गई।


पीड़िता और पिता के बयान भी रिकॉर्ड

जांच के दौरान—

  • पीड़िता और उसके पिता से विस्तार से बातचीत की गई

  • पीड़िता ने उन फैकल्टी सदस्यों के नाम बताए, जिन्होंने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की

  • इन सभी बयानों को रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया गया

सूत्रों के अनुसार, यहीं से मामला विश्वविद्यालय प्रशासन की सीमा से बाहर माना गया।


CM योगी का बड़ा फैसला, जांच STF को सौंपी

सोमवार शाम कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा—

“धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों का यह मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच STF ही करेगी।”

सीएम ने KGMU प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया और कुलपति कार्यालय व कैंपस की सुरक्षा का भरोसा दिया।


STF को सौंपे जाएंगे सभी दस्तावेज

KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया—

“प्रारंभिक जांच में किसी संगठित गैंग की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन एक्सपर्ट की सिफारिश और मुख्यमंत्री के निर्देश पर जांच STF को सौंप दी गई है।”

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सभी दस्तावेज सील कर दिए गए हैं। STF के मांगते ही इन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। STF ने जांच शुरू भी कर दी है।


अपर्णा यादव विवाद के बाद PAC तैनाती

9 जनवरी को यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव KGMU पहुंची थीं। आरोप है कि इस दौरान उनके समर्थकों ने—

  • कुलपति कार्यालय के बाहर हंगामा

  • तोड़फोड़

  • महिला कर्मचारियों से अभद्रता

की। इसके बाद कैंपस में PAC तैनात कर दी गई।

हालांकि, 72 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं होने से डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।


OPD बंद करने का फैसला टला

डॉक्टरों और कर्मचारियों ने FIR न होने पर OPD बंद करने का अल्टीमेटम दिया था।
लेकिन कुलपति के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद—

  • OPD मंगलवार को खुली रहेगी

  • हड़ताल को 24 घंटे के लिए टाल दिया गया

  • शाम 7 बजे सभी संगठनों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी

इमरजेंसी सेवाएं लगातार जारी रहेंगी।


कर्मचारियों का आक्रोश

संयुक्त कर्मचारी समिति ने कहा—

“जब कुलपति और वरिष्ठ अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी स्टाफ की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?”

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द FIR और कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा।


निष्कर्ष:

KGMU का यह प्रकरण अब केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहा। धर्मांतरण, कट्टरपंथी गतिविधियां, सुरक्षा चूक और राजनीतिक हस्तक्षेप—सब एक साथ सामने आ चुके हैं। STF की जांच तय करेगी कि कितने बड़े स्तर पर यह नेटवर्क फैला हुआ है और किस-किस की भूमिका सामने आती है। आने वाले दिन KGMU और यूपी की राजनीति, दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
बीकानेर बनेगा निशानेबाजी का नया हब! सादुल क्लब में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज की तैयारी, ओलंपिक स्तर की 17 मशीनें लगेंगी | हनुमानगढ़ में भीषण सड़क हादसा: स्लीपर कोच बस और टेंपो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौके पर मौत | कोटा में सरपंच-पंच चुनाव: 162 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी, 1128 प्रत्याशी मैदान में; 80 साल की सूरजा बाई व्हीलचेयर पर पहुंचीं | जोधपुर की 6 पंचायत समितियों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, 101 साल की दाखू कंवर ने भी डाला वोट | जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, देर रात तक आएंगे नतीजे | सीकर में ईदगाह चौराहे से जैन भवन तक वन-वे व्यवस्था लागू, गलत दिशा में जाने पर पंचर होगा टायर | जयपुर पंचायत चुनाव: सुबह 10 बजे तक 14.70% मतदान, 22 जिला परिषद और 146 पंचायत समिति वार्डों में वोटिंग | राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: सुबह 10 बजे तक बीकानेर में 14.78% मतदान, कई जगह EVM में खराबी | टेलीकॉम सेक्टर में नई तकनीकों की टेस्टिंग होगी आसान, सरकार ने जारी किए नए नियम | पंचायत चुनाव के पहले चरण में EVM में खराबी, जयपुर के कालवाड़ में 45 मिनट रुका मतदान |