जयपुर की सड़कों पर भारतीय सेना की शक्ति, तकनीक और शौर्य का ऐसा भव्य प्रदर्शन देखने को मिला, जिसने देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इस भव्य परेड की सलामी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली। अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“बदलती वैश्विक परिस्थितियों के साथ भारतीय सेना अपनी संरचना और रणनीति को लगातार मजबूत कर रही है। आज की सेना केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि सूचना और तकनीकी युद्ध में भी दुश्मनों से आगे है।”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सेना हर चुनौती का डटकर जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
इस वर्ष सेना दिवस परेड की थीम ‘भारतीय सेना: शौर्य एवं बलिदान की परम्परा’ रखी गई थी।
जयपुर की सड़कों पर—
अत्याधुनिक टैंक और मिसाइल सिस्टम,
अनुशासित कदमताल करते जवान,
और आसमान में गूंजती हेलीकॉप्टरों की गर्जना
ने माहौल को रोमांच और गर्व से भर दिया।
परेड के दौरान भारतीय सेना के टॉरनेडो दस्ते ने अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। उनकी फुर्ती, संतुलन और साहस ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सेना केवल हथियारों से ही नहीं, बल्कि अद्भुत कौशल से भी लैस है।
गुलाबी नगर जयपुर पहली बार राष्ट्रीय स्तर की आर्मी डे परेड का साक्षी बना। पिंकसिटी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में जब सेना की ताकत और तकनीक का प्रदर्शन हुआ, तो यह दृश्य पूरे विश्व के लिए भारत की सैन्य क्षमता का मजबूत संदेश बन गया।
इस परेड ने साफ कर दिया कि—
भारतीय सेना आधुनिक तकनीक से लैस है
बदलती युद्ध रणनीतियों के अनुसार खुद को ढाल रही है
और देश की सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है
जयपुर से पूरी दुनिया ने भारत की डिफेंस पावर और सैन्य आत्मनिर्भरता का शानदार नजारा देखा।
78वें सेना दिवस पर जयपुर में आयोजित भव्य परेड ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सेना शौर्य, बलिदान और आधुनिकता का अद्वितीय संगम है।
पिंकसिटी में हुआ यह आयोजन न सिर्फ राजस्थान, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बन गया।
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