रूस-यूक्रेन युद्ध से मिली बड़ी सीख, आर्मी चीफ ने खोले पत्ते; अब ऐसे लड़ी जाएगी भारत की अगली जंग

जयपुर | रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरी दुनिया की सेनाओं को झकझोर कर रख दिया है और अब भारतीय सेना ने भी इससे बड़ी सीख ली है। जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड 2026 के बाद सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने साफ कर दिया कि आने वाली जंग अब पुरानी पद्धतियों से नहीं लड़ी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अब सिर्फ सरहदों की रक्षक नहीं, बल्कि एक आधुनिक टेक्नोलॉजी-पावर के रूप में खुद को ढाल रही है।


‘जंग अब सिर्फ बॉर्डर पर नहीं, मोबाइल स्क्रीन पर भी’

सेना प्रमुख ने कहा कि आज का युद्ध केवल हथियारों और सैनिकों तक सीमित नहीं है।
यह सूचनाओं, नैरेटिव और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी लड़ा जा रहा है।

पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा—

“दुश्मन चाहे जितना झूठ फैला ले, लेकिन भारतीय सेना की विश्वसनीयता के आगे वह टिक नहीं सकता। आज हमारा सच, उनके झूठ से 100 गुना तेजी से फैल रहा है।”

उन्होंने बताया कि सेना अब Information Warfare में भी पूरी तरह सक्षम हो चुकी है और हर सही जानकारी पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचाई जा रही है।


रूस-यूक्रेन युद्ध से क्या सीखा भारत ने?

जनरल द्विवेदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि—

  • युद्ध कब शुरू होगा, यह अंदाजा लगाया जा सकता है

  • लेकिन कब खत्म होगा, यह कोई नहीं जानता

इसीलिए भारतीय सेना अब लॉन्ग टर्म और मल्टी-डायमेंशनल वॉर के लिए खुद को तैयार कर रही है।


भविष्य के युद्ध के लिए ‘ट्रिपल अटैक’ रणनीति

सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना ने भविष्य के युद्ध को ध्यान में रखते हुए तीन नए युद्ध स्तंभ तैयार किए हैं—

  • भैरव

  • शक्ति

  • दिव्यास्त्र

ये केवल नाम नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध प्रणालियों का प्रतीक हैं, जिनमें—

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

  • ड्रोन वॉरफेयर

  • साइबर और स्पेस डोमेन

  • हाई-टेक सर्विलांस

को शामिल किया गया है।

उन्होंने साफ कहा कि केवल हथियार खरीदना समाधान नहीं है। अब DRDO के साथ मिलकर रिसर्च और इनोवेशन पर पूरा जोर है, ताकि भारत रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बने।


क्यों जयपुर में हुई सेना दिवस परेड?

सेना दिवस परेड को पहली बार दिल्ली से बाहर जयपुर में आयोजित करने को लेकर सेना प्रमुख ने कहा—

“यह फैसला राजस्थान की उस वीर भूमि को सम्मान देने के लिए था, जिसने देश को शैतान सिंह भाटी और अब्दुल हमीद जैसे योद्धा दिए।”

उन्होंने कहा कि राजस्थान की मिट्टी में ही वीरता का DNA है।
इस दौरान नेपाल आर्मी बैंड की प्रस्तुति ने भारत-नेपाल के मजबूत सैन्य रिश्तों की झलक भी दिखाई।


‘फौजी कभी रिटायर नहीं होता’

अपने संबोधन के अंत में सेना प्रमुख ने जवानों और पूर्व सैनिकों पर भावुक बात कही।
उन्होंने कहा—

  • सीमा पर तैनात जवान के परिवार की जिम्मेदारी सेना की है

  • और एक फौजी कभी रिटायर नहीं होता

उन्होंने बताया कि वेटरन्स की क्षमताओं का उपयोग समाज की मुख्यधारा में नई भूमिकाओं के लिए किया जा रहा है, ताकि उनका अनुभव देश के काम आता रहे।


निष्कर्ष:

रूस-यूक्रेन युद्ध ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य की जंग लंबी, जटिल और बहुस्तरीय होगी। भारतीय सेना ने इस सच्चाई को स्वीकार करते हुए खुद को टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी और ट्रिपल अटैक रणनीति के साथ नए युग की सेना में बदलना शुरू कर दिया है। जयपुर से दिया गया सेना प्रमुख का संदेश साफ है—
भारत अब हर मोर्चे पर लड़ने के लिए तैयार है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
CM भजनलाल शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे, बाबा श्याम के करेंगे दर्शन; ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी हुए शामिल | राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: पंच-सरपंच चुनाव में 83.05% मतदान, बाड़मेर की सेड़वा पंचायत समिति रही अव्वल | जयपुर में ‘रंग दे गुलाबी 2.0’ अभियान, 13 जोन की 617 दीवारों पर हुई वॉल पेंटिंग; लोककला से सजेगा शहर | जयपुर में पानी का संकट गहराने की आशंका, मांग और सप्लाई में 169.11 एमएलडी का अंतर; 55.45 करोड़ का समर प्लान तैयार | बीकानेर बनेगा निशानेबाजी का नया हब! सादुल क्लब में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग रेंज की तैयारी, ओलंपिक स्तर की 17 मशीनें लगेंगी | हनुमानगढ़ में भीषण सड़क हादसा: स्लीपर कोच बस और टेंपो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौके पर मौत | कोटा में सरपंच-पंच चुनाव: 162 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी, 1128 प्रत्याशी मैदान में; 80 साल की सूरजा बाई व्हीलचेयर पर पहुंचीं | जोधपुर की 6 पंचायत समितियों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, 101 साल की दाखू कंवर ने भी डाला वोट | जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच-पंच चुनाव के लिए मतदान जारी, देर रात तक आएंगे नतीजे | सीकर में ईदगाह चौराहे से जैन भवन तक वन-वे व्यवस्था लागू, गलत दिशा में जाने पर पंचर होगा टायर |