रायबरेली। कांग्रेस नेता और रायबरेली सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं और देश की पूरी आर्थिक ताकत चुनिंदा उद्योगपतियों—अंबानी और अडाणी—को सौंप रहे हैं। मंगलवार को रायबरेली दौरे के दौरान मनरेगा मजदूरों की चौपाल में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों को दी गई सुरक्षा को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है।
राहुल गांधी ने कहा, “नरेंद्र मोदी सारा पावर अपने हाथों में लेकर गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाया गया, लेकिन असली मुद्दा नाम नहीं है। असली मुद्दा यह है कि हमारी गरीब जनता को जो सुरक्षा मिली थी, उसे खत्म किया जा रहा है।”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा योजना को सीधे बंद नहीं कर सकती, इसलिए उसके नियम बदलकर उसका “गला घोंटा” जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में हर परिवार को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी थी, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी थी और पंचायतों के जरिए काम मिलता था, लेकिन नए बदलावों से ये अधिकार छीने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकारों पर मनरेगा के खर्च का 40% बोझ डाला जा रहा है, जिससे भाजपा शासित राज्य काम देने से बचेंगे। राहुल ने दावा किया कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान गरीब मजदूरों और महिलाओं को होगा।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कई बार अंबानी और अडाणी का नाम लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों और मजदूरों के लिए नहीं, बल्कि बड़े उद्योगपतियों के लिए बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “हिंदुस्तान की सरकार अडाणी-अंबानी की सरकार है, किसानों और मजदूरों की नहीं। योजनाओं का पैसा गरीबों से छीनकर इन्हीं के हाथों में दिया जा रहा है।”
राहुल गांधी ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर संविधान को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार डॉ. अंबेडकर के संविधान को खत्म करना चाहती है और देश को आजादी से पहले वाले हालात में ले जाना चाहती है, जहां लोगों के अधिकार नहीं होते थे।
उन्होंने कहा, “हम संविधान की रक्षा कर रहे हैं। वे गांधी और अंबेडकर की सोच को मिटाना चाहते हैं। जमीन छीनी जाएगी, हक छीने जाएंगे और जनता को भुखमरी की ओर धकेला जाएगा।”
राहुल गांधी सोमवार देर रात रायबरेली पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह उनका छठा रायबरेली दौरा है। मंगलवार को उन्होंने कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, रायबरेली प्रीमियर लीग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन किया और खिलाड़ियों से बातचीत की। उन्होंने टॉस के लिए सिक्का भी उछाला।
इसके बाद राहुल गांधी ने मनरेगा मजदूरों के साथ चौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और मजदूर मौजूद रहे।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है और मजदूरों की रक्षा के लिए मजबूती से उनके साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस मनरेगा को खत्म नहीं होने देगी और इसके पुराने स्वरूप की बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
रायबरेली में राहुल गांधी का यह बयान केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के आक्रामक राजनीतिक रुख को दर्शाता है। मनरेगा, संविधान और कॉरपोरेट पक्षधरता को मुद्दा बनाकर राहुल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। आने वाले समय में यह मुद्दा विपक्षी राजनीति और सड़क से संसद तक होने वाले आंदोलनों का केंद्र बन सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.