गोंडा: जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के दौरान सरकारी टीम पर हमले का मामला सामने आया है।
यहां ग्राम समाज की जमीन की नाप-जोख करने पहुंचे लेखपाल और उनके सहयोगी के साथ मारपीट और अभद्रता की गई। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, लेखपाल मनीष कुमार और उनके सहयोगी अंकुर ग्राम प्रधान की शिकायत पर सरकारी जमीन की पैमाइश करने पहुंचे थे।
यह जमीन ग्राम समाज की बताई जा रही है, जिस पर अवैध कब्जे की शिकायत की गई थी।
लेखपालों के अनुसार, मौके पर दीपक मिश्रा अपने साथियों के साथ पहुंचे और पैमाइश का विरोध करने लगे।
आरोप है कि उनके साथ जनक लाल तिवारी, रामप्रवेश तिवारी, ज्ञानेंद्र तिवारी और चार अज्ञात लोग भी मौजूद थे।
इन सभी ने मिलकर लेखपाल और उनके सहयोगी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।

घटना को और गंभीर बनाते हुए लेखपालों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने अवैध असलहा (कट्टा) दिखाकर उन्हें डराने की कोशिश की।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज खसरा को फाड़ने का भी प्रयास किया।
पीड़ित लेखपालों ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया।
इससे मामला और संवेदनशील हो गया है, क्योंकि इसमें अब एससी/एसटी एक्ट जैसे गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की संभावना बनती है।
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में विवाद और हंगामे के दृश्य देखे जा सकते हैं, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
खरगूपुर थाना पुलिस ने इस मामले में पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी शेषमणि पांडेय ने बताया कि लेखपालों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करती है।
जमीन से जुड़े विवादों में अक्सर इस तरह के तनावपूर्ण हालात बन जाते हैं, लेकिन सरकारी कर्मचारियों पर हमला गंभीर अपराध माना जाता है।
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