खाटूश्याम बाबा के दर्शन 19 घंटे बंद! जानिए कब खुलेंगे पट और क्यों होगा विशेष श्रृंगार

राजस्थान: के Sikar जिले में स्थित प्रसिद्ध Khatu Shyam Temple में श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। मंदिर में 27 मार्च को होने वाले विशेष तिलक-श्रृंगार और सेवा-पूजा के चलते बाबा श्याम के दर्शन करीब 19 घंटे तक बंद रहेंगे।

कब से कब तक बंद रहेंगे दर्शन?

श्रीश्याम मंदिर कमेटी के अनुसार, 26 मार्च की रात 10 बजे से मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद 27 मार्च को शाम 5 बजे तक श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और श्रृंगार कार्यक्रम संपन्न होंगे।

क्यों बंद रहेंगे 19 घंटे तक पट?

मंदिर प्रशासन के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह बंदी विशेष सेवा-पूजा और तिलक-श्रृंगार के आयोजन के कारण की जा रही है। इस दौरान बाबा श्याम का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जो हर वर्ष परंपरागत रूप से आयोजित होता है।

इस विशेष पूजा में मंदिर के पुजारी और सेवक पूरे विधि-विधान से अनुष्ठान करते हैं। इसी कारण इस दौरान आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाती है, ताकि पूजा में कोई व्यवधान न हो।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी अपील

मंदिर कमेटी ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे दर्शन के लिए निर्धारित समय का पालन करें। 26 मार्च रात 10 बजे से पहले या 27 मार्च शाम 5 बजे के बाद ही दर्शन के लिए आएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

खाटूश्याम बाबा के दर्शन के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में समय की जानकारी न होने पर भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

27 मार्च शाम से फिर शुरू होंगे दर्शन

विशेष पूजा और श्रृंगार कार्यक्रम के पूर्ण होने के बाद 27 मार्च को शाम 5 बजे से मंदिर के पट दोबारा खोल दिए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे।

इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है, क्योंकि विशेष श्रृंगार के बाद बाबा के दर्शन का अलग ही महत्व माना जाता है।

खाटूश्याम बाबा का धार्मिक महत्व

Khatu Shyam Temple देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां बाबा श्याम को भगवान श्रीकृष्ण का कलियुग अवतार माना जाता है।

हर साल यहां लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। खासकर फाल्गुन मेले और विशेष आयोजनों के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

विशेष श्रृंगार का अलग महत्व

तिलक-श्रृंगार का यह आयोजन भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन बाबा को विशेष पोशाक, आभूषण और फूलों से सजाया जाता है। पूजा के बाद जब मंदिर के पट खुलते हैं, तो भक्त इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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