प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया, जब एक विशाल कोल्ड स्टोरेज की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में करीब 20 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया है। घटना के तुरंत बाद अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे हालात और भयावह हो गए।
हादसा इतना गंभीर था कि इसकी गूंज आसपास के कई किलोमीटर तक महसूस की गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जैसे ही इमारत गिरी, तेज धमाके जैसी आवाज आई और चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।
इमारत गिरने के साथ ही कोल्ड स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली अमोनिया गैस लीक होने लगी। बताया जा रहा है कि इसका असर करीब 1 किलोमीटर के दायरे तक फैल गया। आसपास के लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आए। कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी हुई।
प्रशासन ने तुरंत इलाके को खाली कराने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं और एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मौके पर 5 जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। इसके अलावा NDRF और SDRF की टीमें भी बुला ली गई हैं, जो तेजी से राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गैस रिसाव और मलबे के बीच फंसे लोगों तक सुरक्षित पहुंच बनाना है। हर मिनट कीमती है और टीमों की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जिंदा बाहर निकाला जा सके।
हादसे के वक्त वहां मौजूद मजदूरों ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में करीब 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे। एक मजदूर इंदल ने बताया कि अचानक बिल्डिंग हिलने लगी और कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत ढह गई।
“हम लोग किसी तरह भागकर बाहर निकले, लेकिन करीब 20 लोग अंदर ही फंस गए,” उसने बताया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है, जबकि कई अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
हादसे के बाद पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर और कुछ कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।
प्राथमिक जांच में इमारत की संरचनात्मक कमजोरी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
जानकारी के अनुसार, यह कोल्ड स्टोरेज एक पूर्व विधायक से जुड़ा बताया जा रहा है और करीब 60 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां बड़ी संख्या में मजदूर रोज काम करते हैं।
हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय नेताओं का भी मौके पर पहुंचना शुरू हो गया है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आसपास के 200 से अधिक लोग मौके पर जुट गए, जबकि कई लोग अपने परिजनों की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
प्रयागराज का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल, सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करना है।
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