मिडिल ईस्ट: में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट की खबरों के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में न तो पेट्रोल-डीजल की कोई कमी है और न ही कीमतों में कोई बढ़ोतरी हुई है।
नई दिल्ली में आयोजित इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन की खरीदारी न करें।
सरकार के अनुसार भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश की रिफाइनिंग क्षमता सालाना करीब 26 करोड़ टन है, जो घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल पंपों को सप्लाई करने वाले टर्मिनलों पर भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कहीं भी सप्लाई चेन में कोई बड़ी बाधा नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में पैनिक बाइंग के कारण कुछ स्थानों पर भीड़ देखी गई, लेकिन यह अस्थायी स्थिति है और इससे वास्तविक आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, इस समय अस्थिर स्थिति में है।
यह जलमार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम उत्पाद यहीं से गुजरते हैं।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से आयात करता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकता है।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि देश में LPG की भी कोई कमी नहीं है। सभी डिस्ट्रीब्यूटर के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
पिछले 25 दिनों में लगभग 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं और करीब 2.20 लाख उपभोक्ता LPG से PNG में शिफ्ट हुए हैं। इसके अलावा, 2.5 लाख नए आवेदन भी मिले हैं।
सरकार ने केरोसीन को वैकल्पिक ईंधन के रूप में भी उपलब्ध कराने के लिए राज्यों को अतिरिक्त आवंटन दिया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है, जिनमें LPG बुकिंग के समय में बदलाव की बात कही जा रही थी।
मंत्रालय के अनुसार, PMUY और अन्य उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और सभी सेवाएं पहले की तरह ही जारी हैं।
ऊर्जा संकट की आशंका को देखते हुए सरकार ने पहले ही कई कदम उठाए हैं:
इन उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी रहे और आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि पैनिक बाइंग से कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। जब लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदते हैं, तो अस्थायी रूप से सप्लाई पर दबाव बढ़ जाता है और कतारें लंबी हो जाती हैं।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी से व्यवहार करें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
सरकार के ताजा बयान से यह साफ है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई वास्तविक कमी नहीं है। मौजूदा हालात में सबसे जरूरी है कि लोग अफवाहों से बचें और संयम बनाए रखें। पैनिक बाइंग से स्थिति बिगड़ सकती है, जबकि सामान्य खरीदारी से आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.