अगर आपने अभी तक अपने वित्तीय और टैक्स से जुड़े काम पूरे नहीं किए हैं, तो आपके पास अब बेहद कम समय बचा है। 31 मार्च 2026 की रात 12 बजे के बाद कई अहम डेडलाइन खत्म हो जाएंगी, जिनका सीधा असर आपके निवेश, टैक्स और बैंकिंग पर पड़ेगा।
ऐसे में जरूरी है कि आप समय रहते इन कामों को पूरा कर लें, ताकि न तो आपका खाता बंद हो और न ही आपको अतिरिक्त टैक्स का बोझ उठाना पड़े।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) जैसी सरकारी योजनाओं में हर साल न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य होता है।
अगर आपने यह रकम जमा नहीं की, तो आपका खाता “इनएक्टिव” हो सकता है। बाद में इसे चालू कराने के लिए पेनाल्टी और अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
पुरानी टैक्स व्यवस्था में टैक्स बचाने के लिए 31 मार्च आखिरी दिन है।
इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन 80C के तहत आप ₹1.5 लाख तक की छूट पा सकते हैं। इसके लिए आप PPF, लाइफ इंश्योरेंस, ELSS, ट्यूशन फीस जैसे विकल्पों में निवेश कर सकते हैं।
इसके अलावा सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर भी टैक्स छूट मिलती है, जो ₹1 लाख तक जा सकती है (शर्तों के अनुसार)।
ध्यान रखें कि 1 अप्रैल के बाद किया गया निवेश अगले वित्तीय वर्ष में गिना जाएगा।
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो अपने ऑफिस में इन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करना बेहद जरूरी है।
इनमें शामिल हैं:
अगर आपने ये दस्तावेज समय पर जमा नहीं किए, तो आपकी कंपनी ज्यादा TDS काट सकती है। बाद में आपको रिफंड पाने के लिए ITR फाइल करने तक इंतजार करना पड़ेगा।
नए वित्तीय वर्ष के साथ कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका असर आपकी जेब पर पड़ सकता है:
इन बदलावों के चलते वित्तीय योजना बनाना और भी जरूरी हो जाता है।
कई लोग आखिरी समय तक इन कामों को टालते रहते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है।
इसलिए बेहतर है कि 31 मार्च से पहले सभी जरूरी काम पूरे कर लिए जाएं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 खत्म होने में अब केवल कुछ घंटे बचे हैं। ऐसे में यह समय बेहद महत्वपूर्ण है। सही समय पर सही कदम उठाकर आप न सिर्फ टैक्स बचा सकते हैं, बल्कि भविष्य की वित्तीय परेशानियों से भी बच सकते हैं।
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