राजस्थान: क्रिकेट में लंबे समय से चल रही अनिश्चितता के बीच अब बदलाव की उम्मीद जगी है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी के नए कन्वीनर मोहित यादव ने पद संभालते ही साफ संकेत दे दिए हैं कि अब संगठन में तेजी से सुधार और लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने पर फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाते हुए RCA की दशा और दिशा दोनों को बेहतर बनाया जाएगा।
जयपुर में पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लंबित RCA चुनाव उनकी पहली प्राथमिकता होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एडहॉक कमेटी पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास करेगी, ताकि एसोसिएशन को स्थायी नेतृत्व मिल सके और क्रिकेट गतिविधियों में निरंतरता आए।
पूर्व कन्वीनर दीनदयाल कुमावत के साथ विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर यादव ने स्वीकार किया कि कुछ निर्णयों को लेकर मतभेद जरूर थे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का काम करने का तरीका अलग होता है, लेकिन कोशिश यही रही कि इन मतभेदों का असर मैदान पर चल रही क्रिकेट गतिविधियों पर न पड़े। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इन विवादों के कारण कुछ लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका।
यादव ने भरोसा जताया कि नई टीम के साथ मिलकर अब अधूरे कामों को पूरा किया जाएगा और RCA को एक नई दिशा दी जाएगी।
नए कन्वीनर ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान को कम मैच मिलने पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस साल राज्य को केवल चार मैच मिले, जो संतोषजनक नहीं है। अगले साल के लिए बेहतर रणनीति तैयार की जाएगी ताकि राजस्थान में अधिक IPL मैच आयोजित हो सकें।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य में राजस्थान प्रीमियर लीग (RPL) को भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना का जिक्र किया। उनका मानना है कि इससे राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा और क्रिकेट का स्तर भी ऊंचा उठेगा।
नई एडहॉक कमेटी में धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी, अरिष्ट सिंघवी और अर्जुन बेनीवाल जैसे सदस्य शामिल हैं। सभी ने पदभार ग्रहण करते हुए RCA को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
सीनियर सदस्य धनंजय सिंह खींवसर ने भी नए नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब समय है पुराने विवादों को भूलकर आगे बढ़ने का। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा—“सच्चाई परेशान हो सकती है, लेकिन हार नहीं सकती।” उनके इस बयान को RCA में चल रहे लंबे विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ‘नेता पुत्रों की एंट्री’ पर उठाए गए सवालों का भी जवाब सामने आया। कमेटी सदस्य आशीष तिवाड़ी ने कहा कि सभी सदस्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने गए हैं और उन्होंने जिला क्रिकेट संघों के चुनाव जीतकर यह स्थान हासिल किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी का किसी नेता का बेटा होना उसके अधिकारों को खत्म नहीं करता और हर व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
नई एडहॉक कमेटी के गठन के बाद अब RCA में कई बड़े बदलावों की उम्मीद की जा रही है। सबसे बड़ा फोकस चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने और संगठन में पारदर्शिता लाने पर रहेगा। इसके साथ ही घरेलू क्रिकेट ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चुनाव समय पर हो जाते हैं और स्थायी नेतृत्व स्थापित होता है, तो राजस्थान क्रिकेट को नई गति मिल सकती है। इससे न केवल राज्य के खिलाड़ियों को फायदा होगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजस्थान की भागीदारी मजबूत होगी।
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