जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित SI भर्ती-2025 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा शुरू होने में महज चार दिन शेष हैं, लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि इस भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित किया जाए। इस मुद्दे पर अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, जहां गुरुवार को सुनवाई होनी तय है। कोर्ट का फैसला लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
दरअसल, अभ्यर्थी सूरजमल मीणा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 5 और 6 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली SI/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा को कम से कम चार सप्ताह के लिए टाल दिया जाए। याचिका में मुख्य मुद्दा आयु सीमा में छूट का है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
यह मामला मूल रूप से SI भर्ती-2021 से जुड़ा हुआ है। उस भर्ती में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के चलते राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2024 को भर्ती को रद्द कर दिया था। साथ ही, इसमें शामिल अभ्यर्थियों को अगली भर्ती में आयु सीमा में छूट देने की सिफारिश की गई थी।
हालांकि, बाद में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस आदेश पर रोक लगा दी, जिससे स्थिति जटिल हो गई। इसके बाद RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) ने नई भर्ती SI-2025 में आयु सीमा में कोई विशेष छूट नहीं दी, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थी प्रभावित हुए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा समय पर आयोजित हो जाती है और बाद में कोर्ट उनके पक्ष में फैसला देता है, तो उनका अधिकार निष्प्रभावी हो जाएगा। यही कारण है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा को टालने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही हाईकोर्ट को 31 मार्च तक सभी अपीलों पर फैसला देने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं आया है। ऐसे में अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता बढ़ गई है।
जो अभ्यर्थी आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे हैं, वे इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा या नहीं। वहीं, नए अभ्यर्थियों को डर है कि अगर परीक्षा टलती है, तो उनकी तैयारी और समय दोनों प्रभावित होंगे।
इसके अलावा, SI भर्ती-2021 में चयनित अभ्यर्थी भी भविष्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
यदि सुप्रीम कोर्ट परीक्षा स्थगित करने का आदेश देता है, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल अभ्यर्थियों की तैयारी पर असर पड़ेगा, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी नई चुनौतियां सामने आएंगी।
वहीं, अगर कोर्ट परीक्षा को जारी रखने का फैसला करता है, तो आयु सीमा से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लग सकता है।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है। यह फैसला तय करेगा कि परीक्षा तय समय पर होगी या नहीं। साथ ही, यह भी स्पष्ट होगा कि आयु सीमा में छूट को लेकर अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट इस मामले में संतुलित फैसला दे सकता है, ताकि किसी भी पक्ष को नुकसान न हो।
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