भारत: के पूर्व टेनिस स्टार लिएंडर पेस ने राजनीति में कदम रखते ही बड़ा बयान देकर खेल जगत और सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद पेस ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी दिलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पेस ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के लिए एक बड़ा सपना है, जिसे पूरा करने के लिए वह पूरी टीम के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े और उभरते हुए देश के लिए ओलंपिक की मेजबानी करना न केवल गौरव की बात होगी, बल्कि इससे खेलों के प्रति युवाओं का रुझान भी बढ़ेगा।
पेस के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें युवाओं और खेलों के विकास के लिए एक स्पष्ट दिशा दी है। इस दिशा में 2036 ओलंपिक की मेजबानी एक अहम लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ओलंपिक की मेजबानी करता है, तो इससे देश की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी और खेलों में निवेश भी बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेनिंग सिस्टम और ग्रासरूट लेवल पर खिलाड़ियों को तैयार करना बेहद जरूरी है।
पेस ने आगे बताया कि वह 2030 राष्ट्रमंडल खेलों में भी योगदान देना चाहते हैं, खासकर अहमदाबाद में संभावित आयोजन को लेकर। उनका मानना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से देश की खेल क्षमता और आयोजन क्षमता दोनों का प्रदर्शन होता है।

अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल को लेकर पेस काफी भावुक नजर आए। उन्होंने खुद को ‘बंगाली बॉय’ बताते हुए कहा कि राज्य में अभी भी खेल सुविधाओं की कमी है, खासकर इंडोर टेनिस स्टेडियम और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर की।
पेस ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि आने वाले 20 वर्षों में देश के 25 करोड़ बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जाए और उन्हें खेलों से जोड़ा जाए। इसके लिए वे बंगाल में बेहतर खेल ढांचा विकसित करने पर जोर देंगे।
पेस ने अपने बयान में अंतरराष्ट्रीय उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देश आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ खेलों में भी आगे हैं। इसका मुख्य कारण वहां का मजबूत स्पोर्ट्स कल्चर है।
उन्होंने कहा कि भारत को भी इसी दिशा में आगे बढ़ना होगा, जहां खेल सिर्फ एक गतिविधि नहीं, बल्कि एक संस्कृति बन जाए। इसके लिए स्कूल स्तर से ही खिलाड़ियों को तैयार करना और उन्हें बेहतर सुविधाएं देना जरूरी है।
भाजपा में शामिल होने के बाद पेस का यह पहला बड़ा बयान है, जो साफ संकेत देता है कि वे सिर्फ राजनीति में ही नहीं, बल्कि खेल क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाने की योजना बना रहे हैं। उनका फोकस साफ है—देश को ओलंपिक मेजबानी दिलाना और युवाओं को खेलों से जोड़ना।
लिएंडर पेस का यह बयान भारत के खेल भविष्य के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। 2036 ओलंपिक की मेजबानी का लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन अगर सही रणनीति और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया गया, तो यह सपना हकीकत में बदल सकता है। पेस का फोकस साफ है—खेलों के जरिए देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.