राजस्थान: में इन दिनों एलपीजी गैस को लेकर बड़ा संकट देखने को मिल रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि घरेलू गैस के नए कनेक्शन फिलहाल बंद कर दिए गए हैं। यह फैसला राज्य में बढ़ती मांग, पैनिक बुकिंग और अंतरराष्ट्रीय हालातों के कारण सप्लाई चेन पर पड़े दबाव को देखते हुए लिया गया है।
राजधानी Jaipur समेत पूरे प्रदेश में गैस कंपनियां अब मौजूदा उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने में जुटी हैं। नई जानकारी के मुताबिक, राज्य में करीब 14 लाख उपभोक्ता अब भी सिलेंडर की डिलीवरी का इंतजार कर रहे हैं। इसके चलते लगभग 5 दिन का बैकलॉग चल रहा है।
राज्य में गैस सप्लाई का जिम्मा संभाल रही प्रमुख कंपनियां—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—ने साफ किया है कि फिलहाल घरेलू गैस कनेक्शन जारी करना संभव नहीं है। हालांकि, कॉमर्शियल सिलेंडर के नए कनेक्शन अभी भी दिए जा रहे हैं, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का काम प्रभावित न हो।
IOCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और स्टेट कॉर्डिनेटर मनोज गुप्ता के अनुसार, “राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन LPG की सप्लाई पर दबाव है। मार्च महीने में अचानक आई पैनिक बुकिंग के कारण स्थिति बिगड़ गई है।”
उन्होंने बताया कि मार्च के पहले और दूसरे सप्ताह में बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ गैस सिलेंडर बुक कर दिए, जिससे सप्लाई चेन पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया। इसका असर अब भी देखा जा रहा है, और कंपनियां धीरे-धीरे इस बैकलॉग को कम करने की कोशिश कर रही हैं।
वर्तमान में राज्य में रोजाना 2.80 लाख से अधिक सिलेंडर की डिमांड आ रही है, और कंपनियां लगभग उतनी ही सप्लाई भी कर रही हैं। इसके बावजूद पहले से लंबित ऑर्डर के कारण देरी हो रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अब पैनिक बुकिंग में कमी आई है और आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो सकती है।
इस संकट का एक और बड़ा कारण ऑटो सेक्टर में LPG की अचानक बढ़ी मांग है। आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में ऑटो LPG की मांग में 363 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जहां पिछले साल इसी अवधि में 131 मीट्रिक टन LPG की खपत थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 607 मीट्रिक टन से अधिक हो गया है।
गैस कंपनियों का मानना है कि यह अचानक वृद्धि इस बात का संकेत है कि पहले कुछ वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति हो रही थी, जो अब बाधित हो गई है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए LPG पंपों पर 24 घंटे सप्लाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने भी स्थिति को और खराब किया है। कई जगह यह खबर फैल गई कि पेट्रोल-डीजल की कमी हो रही है, जिसके चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी। इसका नतीजा यह हुआ कि मार्च में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 21.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पैनिक बुकिंग और अफवाहें किसी भी सप्लाई सिस्टम को अस्थिर कर सकती हैं। इसलिए लोगों को संयम बरतने और केवल जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल सरकार और कंपनियां मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले कुछ समय में सप्लाई सामान्य हो जाएगी और लंबित डिलीवरी पूरी कर दी जाएगी।
राजस्थान में LPG संकट ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि कंपनियां लगातार सप्लाई सुधारने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।
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