Jaipur: में एक चौंकाने वाला साइबर-क्राइम मामला सामने आया है, जहां मोबाइल चोरी के बाद डिजिटल पेमेंट ऐप PhonePe के जरिए पीड़ित के बैंक खाते से 7.38 लाख रुपए निकाल लिए गए। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आंशिक रकम भी बरामद कर ली है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 12 मार्च की रात एक निर्माणाधीन मकान से मोबाइल फोन चोरी किया। यह मकान पीड़ित जगदीश प्रसाद मीना का था। मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपी ने उसी फोन में PhonePe ऐप डाउनलोड किया और पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंच बना ली।
इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग खातों में कई ट्रांजेक्शन करते हुए कुल 7 लाख 38 हजार रुपए निकाल लिए। यह पूरी वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे शुरुआत में पीड़ित को कोई भनक तक नहीं लगी।
21 मार्च को जब पीड़ित ने अपने बैंक खाते की जांच की, तब उन्हें इस बड़े फ्रॉड का पता चला। इसके बाद तुरंत रामनगरिया थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के अनुसार, इस मामले में 28 वर्षीय संजय कुमार मीना को गिरफ्तार किया गया है, जो दौसा का रहने वाला है। आरोपी का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी और अन्य अपराधों के मामले दर्ज हैं।
31 मार्च को पुलिस की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से चोरी किया गया सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल और 90 हजार रुपए नकद बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने चोरी की रकम का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग और अपने शौक पूरे करने में खर्च कर दिया। यह भी सामने आया कि आरोपी को डिजिटल पेमेंट सिस्टम की अच्छी जानकारी थी, जिसका उसने गलत इस्तेमाल किया।
इस मामले के साथ-साथ जयपुर पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एरिया डोमिनेशन अभियान भी चलाया। इस अभियान के तहत 6 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर कुल 38 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल और सहायक पुलिस आयुक्त विनोद शर्मा के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने हार्डकोर अपराधियों, गैंगस्टर्स और हिस्ट्रीशीटर्स की धरपकड़ के लिए एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की।
यह घटना एक बार फिर डिजिटल सुरक्षा की अहमियत को उजागर करती है। विशेषज्ञों के अनुसार:
जयपुर सहित पूरे देश में डिजिटल पेमेंट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस और साइबर सेल के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
जयपुर का यह मामला बताता है कि एक छोटी सी लापरवाही कैसे लाखों के नुकसान में बदल सकती है। मोबाइल सुरक्षा और डिजिटल सावधानी आज के समय में बेहद जरूरी है। पुलिस की तत्परता से आरोपी तो पकड़ा गया, लेकिन पूरी रकम की रिकवरी अभी भी चुनौती बनी हुई है।
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