राजस्थान: में महंगाई की मार एक बार फिर आम लोगों की रसोई तक पहुंच गई है। राज्य में लोकप्रिय डेयरी ब्रांड सरस घी के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। Rajasthan Cooperative Dairy Federation (RCDF) ने मंगलवार देर शाम इसकी नई रेट लिस्ट जारी की, जो बुधवार से लागू हो गई है।
यह इस साल में दूसरी बार है जब सरस घी के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले जनवरी में भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन उस समय केवल बड़े पैक पर ही असर पड़ा था। इस बार हर पैकिंग साइज पर कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा।
RCDF द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, सरस घी के सभी प्रमुख पैक महंगे हो गए हैं:
यानी हर श्रेणी में करीब 20 रुपए या उससे अधिक की बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि RCDF ने आधिकारिक तौर पर बढ़ोतरी के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन डेयरी सेक्टर के जानकारों का मानना है कि दूध की खरीद कीमतों में वृद्धि, पशु आहार की लागत बढ़ना और परिवहन खर्च में इजाफा इसके मुख्य कारण हो सकते हैं।
इसके अलावा, देशभर में डेयरी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे सप्लाई और लागत का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे में डेयरी फेडरेशन को कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना पड़ रहा है।
2026 की शुरुआत में 2 जनवरी को RCDF ने पहली बार सरस घी के दाम बढ़ाए थे। उस समय केवल 15 किलोग्राम वाले टिन पैक पर ही कीमत बढ़ाई गई थी, जबकि छोटे पैक को नहीं छुआ गया था।
लेकिन इस बार सभी पैकिंग साइज में बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे छोटे और मध्यम वर्ग के परिवारों पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना है।
घी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। पूजा-पाठ से लेकर रोजमर्रा के खाने तक इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से सीधे तौर पर घर के बजट पर असर पड़ता है।
खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन सकती है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच खाद्य पदार्थों की कीमतों में इजाफा लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दूध और डेयरी सेक्टर में लागत का दबाव इसी तरह बना रहा, तो आने वाले समय में अन्य डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही और पनीर के दाम भी बढ़ सकते हैं।
हालांकि RCDF की ओर से फिलहाल आगे किसी और बढ़ोतरी को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
बढ़ती कीमतों के बीच उपभोक्ता अब वैकल्पिक ब्रांड्स की ओर रुख कर सकते हैं। इसके अलावा, कई लोग घरेलू स्तर पर घी बनाने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।
हालांकि, सरस घी की गुणवत्ता और भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू के कारण इसकी मांग में बहुत ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है।
सरस घी की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी राजस्थान के उपभोक्ताओं के लिए एक और आर्थिक झटका है। साल में दूसरी बार बढ़े दाम यह संकेत देते हैं कि डेयरी सेक्टर में लागत का दबाव बढ़ रहा है। आने वाले समय में इसका असर अन्य खाद्य उत्पादों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आम लोगों को अपने बजट में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है।
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