राजस्थान: में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत आबकारी विभाग ने मार्च माह में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान न केवल भारी मात्रा में अवैध सामग्री को नष्ट किया गया, बल्कि सैकड़ों मामलों में केस दर्ज कर बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के अनुसार, प्रदेशभर में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मार्च महीने में कुल 2 लाख 5 हजार 146 लीटर वॉश (कच्चा शराब बनाने का घोल) नष्ट किया गया। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि प्रदेश में अवैध शराब का नेटवर्क कितना व्यापक था और प्रशासन इसे खत्म करने के लिए कितनी सख्ती से काम कर रहा है।
अभियान के दौरान विभिन्न जिलों में छापेमारी और कार्रवाई करते हुए कुल 820 केस दर्ज किए गए। इन मामलों में 605 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले समय में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे।
अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (पॉलिसी) प्रदीप सिंह सांगावत और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत की गई है, जिसमें अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए हैं।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में शराब भी जब्त की गई। विभाग ने भारत निर्मित विदेशी मदिरा (IMFL) की 8114 बोतलें, देशी शराब की 4168 बोतलें, अवैध शराब की 4621 बोतलें और 10566 बीयर की बोतलों को सीज किया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि अवैध शराब का कारोबार केवल कच्चे स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार में तैयार उत्पाद के रूप में भी इसकी आपूर्ति हो रही थी। आबकारी विभाग ने इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए बहुस्तरीय कार्रवाई की है।
अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल हो रहे वाहनों को भी इस अभियान के तहत निशाना बनाया गया। विभाग ने कुल 20 वाहनों को जब्त किया, जिनमें 12 दुपहिया, 6 हल्के चार पहिया और 2 भारी चार पहिया वाहन शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि परिवहन नेटवर्क को तोड़ना इस अभियान का अहम हिस्सा है, क्योंकि यही चैन अवैध शराब को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यह विशेष अभियान पूरे राजस्थान में एक साथ चलाया गया, जिससे अवैध कारोबारियों को संभलने का मौका नहीं मिला। विभाग की टीमों ने अलग-अलग जिलों में समन्वय बनाकर कार्रवाई की, जिससे कई बड़े नेटवर्क भी उजागर हुए हैं।
आबकारी विभाग का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे और अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी।
अवैध शराब न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी खतरा बन सकती है। कई बार कच्ची शराब के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और मौत तक के मामले सामने आते हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि इस तरह के अवैध कारोबार पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल अपराध पर अंकुश लगेगा, बल्कि समाज में जागरूकता भी बढ़ेगी और लोग अवैध शराब से दूर रहेंगे।
राजस्थान में चलाया गया विशेष निरोधात्मक अभियान अवैध शराब के खिलाफ एक मजबूत कदम साबित हुआ है। बड़ी मात्रा में वॉश नष्ट करना, सैकड़ों केस दर्ज करना और आरोपियों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। यदि इसी तरह की कार्रवाई जारी रही, तो आने वाले समय में अवैध शराब के नेटवर्क को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।
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