राजस्थान: की राजधानी जयपुर में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में महिला आरक्षण को लेकर सियासी और सामाजिक संदेश दोनों देखने को मिले। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस मौके पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया।
कार्यक्रम का आयोजन बिड़ला ऑडिटोरियम में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य महिला आरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना था।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, तो देश की दिशा और निर्णय लेने की प्रक्रिया दोनों मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा, “हमारी बेटियां राष्ट्र का गौरव हैं। यदि बेटियां आगे बढ़ेंगी तो देश भी आगे बढ़ेगा।” उनके अनुसार, यह कानून महिलाओं को निर्णय लेने वाली मुख्यधारा में लाने का माध्यम बनेगा।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने महिला आरक्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके लागू होने के बाद लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसका मतलब है कि अब हर तीसरी आवाज महिला की होगी।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल राजनीति बदलेगी, बल्कि समाज की सोच में भी बड़ा बदलाव आएगा। “अब बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि गर्व के रूप में देखा जाएगा,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में नरेंद्र मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से देश में लिंग अनुपात में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि पहले महिलाओं को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर शौचालय बनने से उन्हें सम्मान मिला है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के जरिए गैस कनेक्शन देकर महिलाओं को धुएं से राहत दिलाई गई।
सीएम ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा रही हैं—चाहे वह शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या नीति निर्माण। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र में वित्त मंत्रालय जैसी बड़ी जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण संभाल रही हैं, वहीं राजस्थान में भी दीया कुमारी वित्त विभाग देख रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दीया कुमारी ने महिलाओं से इस अधिनियम के समर्थन में मिस्ड कॉल देने की अपील की और मोबाइल की टॉर्च जलाकर समर्थन जताने का आग्रह किया।
सम्मेलन में मौजूद महिलाओं ने भी इस पहल का जोरदार समर्थन किया और इसे अपने अधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
दीया कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि असली बदलाव घर से शुरू होता है। बेटियों को पढ़ाना, उन्हें जागरूक बनाना और उन पर भरोसा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की छात्राएं ही कल की नेता बनेंगी और देश की दिशा तय करेंगी।
उनके अनुसार, महिला आरक्षण से शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि महिलाएं इन विषयों को अधिक संवेदनशीलता से समझती हैं।
जयपुर में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ ने यह स्पष्ट कर दिया कि महिला आरक्षण अब केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन चुका है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के बयानों से यह संदेश गया कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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