राजस्थान: के दौसा जिले के महवा क्षेत्र के कंचनपुरा गांव में शिक्षा और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यहां ‘कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सार्वजनिक लाइब्रेरी’ का भव्य उद्घाटन किया गया। इस पुस्तकालय का निर्माण पूरी तरह से ग्रामीणों के जनसहयोग से किया गया है, जो गांव में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामूहिक प्रयास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
इस लाइब्रेरी का उद्घाटन पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महवा ने मुख्य अतिथि के रूप में फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे वातावरण में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक ऊर्जा का संचार हुआ।
उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, विद्यार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और आयोजकों ने सभी का आभार व्यक्त किया।
मुख्य अतिथि अजीत सिंह महवा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे इस लाइब्रेरी का अधिकतम उपयोग करें और अपने भविष्य को मजबूत बनाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में इस प्रकार की लाइब्रेरी का निर्माण समय की आवश्यकता है, क्योंकि इससे युवाओं को सही दिशा मिलती है और वे नकारात्मक गतिविधियों से दूर रहते हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं युवाओं को सही मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
कार्यक्रम के दौरान कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बैंसला ने हमेशा समाज के उत्थान और शिक्षा के प्रसार के लिए कार्य किया, और यह लाइब्रेरी उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।
शिक्षाविद् डॉ. कुलदीप सिंह ने इस अवसर पर एक अनूठा प्रस्ताव रखते हुए ‘शिक्षा ज्योति समूह’ बनाने की बात कही, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति से एक रुपये का सहयोग लेकर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने का लक्ष्य रखा जाएगा।
इस लाइब्रेरी की सबसे खास बात यह है कि इसका निर्माण किसी सरकारी योजना के तहत नहीं, बल्कि गांव के लोगों के सहयोग से किया गया है। इससे यह साबित होता है कि यदि समाज ठान ले, तो वह अपने संसाधनों से भी बड़े बदलाव ला सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखने को मिली। युवाओं ने इस पहल को अपने भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।
इस दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को सराहते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
कंचनपुरा गांव में कर्नल बैंसला सार्वजनिक लाइब्रेरी का उद्घाटन केवल एक भवन का शुभारंभ नहीं, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक नई शुरुआत है। यह पहल न केवल युवाओं को नई दिशा देगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी।
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