राजस्थान: के दौसा जिले में होली से ठीक पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई ने मिठाई कारोबारियों में हलचल मचा दी है। त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी बढ़ती खपत के बीच मिलावटखोरी की आशंका भी कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है।
बुधवार को जिले के सिकराय क्षेत्र में खाद्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गीजगढ़ स्थित श्री अमृत जोधपुर स्वीट होम पर जांच की गई, जहां से मावा का सैंपल लिया गया। इतना ही नहीं, दुकान पर रखी करीब 30 लीटर एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य खाद्य विक्रेताओं में भी हड़कंप मच गया।
होली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में मावा, घी, तेल, नमकीन, मसाले और मिठाइयों की मांग तेज हो जाती है। कई बार बढ़ती मांग का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी मिलावटी या एक्सपायरी उत्पाद बाजार में उतार देते हैं। इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्तालय की आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य निर्माण इकाइयों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, थोक विक्रेताओं और वितरकों से सैंपल लिए जा रहे हैं। दौसा में भी इसी क्रम में कार्रवाई की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सीताराम मीणा के नेतृत्व में टीम ने गीजगढ़ क्षेत्र में स्थित श्री अमृत जोधपुर स्वीट होम का निरीक्षण किया। यहां खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार सैनी ने मावा का सैंपल लिया।
मावा, जो कि अधिकांश मिठाइयों का आधार होता है, त्योहारों में सबसे अधिक खपत वाला उत्पाद है। यदि इसमें मिलावट हो या गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरे तो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जांच के दौरान टीम को दुकान पर एक्सपायरी डेट की करीब 30 लीटर कोल्ड ड्रिंक मिली। यह उत्पाद बिक्री के लिए रखा गया था। नियमों के तहत एक्सपायरी खाद्य या पेय पदार्थ का भंडारण और बिक्री दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।
टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त कोल्ड ड्रिंक को मौके पर ही नष्ट करवाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान खाद्य विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे किसी भी प्रकार का मिलावटी या एक्सपायरी प्रोडक्ट बिक्री के लिए न रखें। सभी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्टोरेज और एक्सपायरी डेट का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि यदि भविष्य में नियमों की अवहेलना पाई गई तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक शामिल हो सकता है।
इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार सैनी के साथ ट्रेनी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमरसिंह बैरवा और नेमीचंद मीणा भी मौजूद रहे। टीम ने दुकान के स्टोरेज एरिया, किचन और काउंटर की भी जांच की।
विशेषज्ञों का मानना है कि होली, दीपावली जैसे बड़े त्योहारों में दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में कृत्रिम रंग, सिंथेटिक दूध, खराब गुणवत्ता का मावा और मिलावटी घी बाजार में आने का खतरा रहता है।
मिलावटी मावा से बनी मिठाइयां खाने से फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक या पेय पदार्थों से भी पेट संबंधी गंभीर संक्रमण हो सकता है।
खाद्य विभाग की रणनीति इस बार पहले से अधिक सख्त नजर आ रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
नियमित औचक निरीक्षण किए जाएंगे
संदिग्ध दुकानों से सैंपल लिए जाएंगे
एक्सपायरी और मिलावटी उत्पाद मौके पर नष्ट किए जाएंगे
दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी
अधिकारियों ने यह भी कहा कि उपभोक्ता यदि किसी दुकान पर मिलावट या एक्सपायरी सामान की बिक्री देखें तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
त्योहारों के मौसम में मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
पैक्ड सामान खरीदते समय एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
खुली मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई देखें।
बहुत अधिक सस्ते दाम पर मिल रही मिठाई से सावधान रहें।
बिल अवश्य लें, ताकि शिकायत की स्थिति में प्रमाण रहे।
संदिग्ध स्वाद, गंध या रंग होने पर उत्पाद का सेवन न करें।
कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के दुकानदारों में सतर्कता बढ़ गई। कई व्यापारियों ने तुरंत अपने स्टॉक की जांच शुरू कर दी। कुछ दुकानदारों ने कहा कि वे पहले से ही गुणवत्ता का ध्यान रखते हैं और विभाग की कार्रवाई से ईमानदार व्यापारियों को भी लाभ होगा।
अब सभी की नजर मावा के सैंपल की रिपोर्ट पर है। यदि रिपोर्ट में मिलावट पाई जाती है तो संबंधित दुकान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि सैंपल मानकों पर खरा उतरता है तो दुकान को राहत मिल सकती है।
खाद्य विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि होली तक निरंतर जारी रहेगा।
होली के उत्साह और रंगों के बीच स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता। दौसा में खाद्य विभाग की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि मिलावटखोरी और एक्सपायरी उत्पादों की बिक्री किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह सतर्क है। त्योहारों की मिठास तभी बनी रह सकती है, जब भोजन शुद्ध और सुरक्षित हो।
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