जयपुर। बिजली बिलों में गड़बड़ी, अधिक बिलिंग या तकनीकी त्रुटियों को लेकर उपभोक्ताओं को अब डिस्कॉम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जयपुर डिस्कॉम ने उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए ऑनलाइन सुनवाई की नई व्यवस्था लागू कर दी है।
इस फैसले के बाद 5 लाख रुपए से अधिक राशि वाले बिलिंग विवादों में उपभोक्ता जयपुर स्थित मुख्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए बिना ही अपने नजदीकी सर्किल कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रख सकेंगे।
यह कदम उपभोक्ताओं की सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय फोरम या कमेटी हर महीने ऐसे मामलों की सुनवाई करेगी।
5 लाख रुपए से अधिक राशि के विवाद: मुख्यालय स्तर पर सुनवाई
5 लाख रुपए तक के मामले: जोनल स्तर पर निस्तारण
उपभोक्ता को निर्धारित सुनवाई तिथि से तीन दिन पहले फोरम को सूचित करना होगा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखना चाहता है। इसके बाद संबंधित सर्किल कार्यालय में वीडियो लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
इस नई प्रणाली से उपभोक्ताओं को कई तरह के लाभ होंगे:
जयपुर मुख्यालय तक यात्रा की आवश्यकता नहीं
समय की बचत
यात्रा और आवास खर्च में कमी
पारदर्शी और समयबद्ध सुनवाई
कर्मचारियों को भी मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल पहल उपभोक्ता सेवा में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपभोक्ता अपनी शिकायत निम्न माध्यमों से दर्ज कर सकते हैं:
रजिस्टर्ड डाक
ईमेल
आधिकारिक पोर्टल: http://bijlimitra.com
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने पर ट्रैकिंग सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे उपभोक्ता अपने केस की स्थिति देख सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार, जयपुर डिस्कॉम में 5 लाख रुपए से अधिक बिलिंग के 4 विवाद लंबित हैं। सामान्यतः ऐसे मामलों का निस्तारण 30 से 45 दिनों के भीतर किया जाता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद है कि मामलों के निपटान की गति और तेज होगी।
बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें अक्सर लंबी प्रक्रिया में उलझ जाती थीं। कई बार उपभोक्ताओं को बार-बार मुख्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की हानि होती थी।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया और भी कठिन थी। अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा से वे अपने ही सर्किल कार्यालय से सुनवाई में शामिल हो सकेंगे।
राजस्थान में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
अगले महीने जोधपुर डिस्कॉम भी इस व्यवस्था को लागू करने जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो अन्य डिस्कॉम में भी इसे लागू किया जा सकता है।
केवल उपभोक्ताओं ही नहीं, बल्कि डिस्कॉम कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था से राहत मिलेगी। उन्हें सुनवाई के लिए मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। इससे प्रशासनिक खर्च और समय दोनों की बचत होगी।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सुनवाई व्यवस्था उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि:
सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह रिकॉर्डेड हो
आदेश ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएं
अपील प्रक्रिया भी डिजिटल हो
तीन सदस्यीय फोरम की अध्यक्षता प्रबंध निदेशक करेंगे, जिससे मामलों में उच्च स्तर की निगरानी सुनिश्चित होगी। इससे मनमानी या देरी की संभावना कम होगी।
कुछ उपभोक्ताओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले लंबी दूरी तय करके मुख्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई संभव होगी।
हालांकि यह पहल सकारात्मक है, लेकिन तकनीकी ढांचे की मजबूती जरूरी होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नेटवर्क या तकनीकी समस्या न आए, इसके लिए पर्याप्त तैयारी आवश्यक है।
जयपुर डिस्कॉम की ऑनलाइन सुनवाई व्यवस्था उपभोक्ता सुविधा की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो यह पूरे राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
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