राजस्थान: के दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां शाहजहांनपुरा गांव का एक युवक करीब 11 साल बाद अपने परिवार के पास वापस लौटा है। युवक को अचानक अपने सामने देखकर माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उसका भव्य स्वागत किया।
मिली जानकारी के अनुसार शाहजहांनपुरा गांव निवासी सुरेश कुमार मीणा (30) पुत्र रामप्रताप मीणा वर्ष 2015 में एक शादी समारोह के दौरान अचानक लापता हो गए थे। उस समय उनकी उम्र करीब 19 साल थी। घटना के बाद परिवार ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई पता नहीं चल पाया।
परिजनों के अनुसार 18 मई 2015 को सुरेश अपनी बुआ के यहां श्यालावास गांव में आयोजित एक शादी समारोह में गए थे। वहां भांत भरने का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान सुरेश ने पानी पीने की बात कही और कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए।
इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। जब काफी देर तक वह दिखाई नहीं दिए तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
सुरेश के लापता होने के बाद परिवार और ग्रामीणों ने करीब डेढ़ महीने तक आसपास के आधा दर्जन गांवों में उनकी तलाश की। रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली।
आखिरकार सुरेश के पिता रामप्रताप मीणा ने दौसा के सदर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इसके बावजूद साल दर साल बीतते गए और सुरेश का कोई पता नहीं चल पाया। धीरे-धीरे परिवार उम्मीद खोने लगा था।
हालांकि सुरेश के छोटे भाई रोशन मीणा ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने लगातार अपने भाई की तलाश जारी रखी। रोशन समय-समय पर विभिन्न बाल आश्रमों, सामाजिक संस्थाओं और संगठनों में सुरेश की फोटो और जानकारी भेजकर पूछताछ करते रहे।
इसी प्रयास के तहत 5 मार्च 2026 को रोशन मीणा ने भरतपुर स्थित “अपना घर बाल आश्रम” में भी सुरेश की फोटो भेजी। आश्रम प्रशासन ने फोटो देखने के बाद वहां मौजूद एक व्यक्ति की पहचान सुरेश मीणा के रूप में की।
जैसे ही यह जानकारी परिवार तक पहुंची, घर में खुशी की लहर दौड़ गई। सुरेश के चाचा मोतीलाल मीणा ने बताया कि सूचना मिलते ही परिवार के चार सदस्य तुरंत भरतपुर पहुंचे।
वहां पहुंचकर उन्होंने सुरेश की पहचान की और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे अपने साथ गांव लेकर रवाना हो गए।
जब सुरेश अपने गांव के नजदीक पीपली पातलवास पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। पूरे गांव में यह खबर फैल चुकी थी कि 11 साल से लापता युवक वापस लौट आया है।
ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया और गुलाल लगाकर नाचते-गाते हुए उसे गांव तक लेकर आए। यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था।
गांव पहुंचने के बाद सुरेश ने सबसे पहले गांव के भेरूजी महाराज और कुलदेवी खलकाई माता के मंदिर में जाकर ढोक लगाई और आशीर्वाद लिया।
परिवार के लोगों का कहना है कि इतने साल बाद बेटे के वापस लौटने से उन्हें ऐसा लग रहा है मानो भगवान ने उनकी प्रार्थना सुन ली हो।
लालसोट के शाहजहांनपुरा गांव में 11 साल बाद लापता युवक का घर लौटना एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी बन गया है। यह घटना बताती है कि उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। सुरेश मीणा की वापसी से जहां उनके परिवार को नई खुशियां मिली हैं, वहीं पूरे गांव में भी जश्न का माहौल है।
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