भारत: की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo में बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) Pieter Elbers ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने 10 मार्च को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग में इस बात की जानकारी दी।
इस्तीफे के बाद एयरलाइन के सह-संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर Rahul Bhatia को अंतरिम रूप से कंपनी की कमान सौंपी गई है। वह फिलहाल कंपनी के संचालन और रणनीतिक फैसलों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक कि नया पूर्णकालिक CEO नियुक्त नहीं हो जाता।
इंडिगो की ओर से जारी बयान के अनुसार कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में पीटर एलबर्स का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
कंपनी ने बताया कि एलबर्स को आज बिजनेस ऑवर्स समाप्त होने के बाद औपचारिक रूप से उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।
एयरलाइन ने यह भी कहा कि कंपनी जल्द ही नए CEO की तलाश शुरू करेगी ताकि नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखी जा सके।
पीटर एलबर्स ने अपने इस्तीफे में पद छोड़ने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है।
उन्होंने राहुल भाटिया को संबोधित अपने पत्र में कहा कि वह व्यक्तिगत कारणों से कंपनी छोड़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि उनका नोटिस पीरियड भी तुरंत समाप्त कर दिया जाए ताकि वे तत्काल प्रभाव से पद मुक्त हो सकें।
हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से कंपनी के भीतर और बाहर बने दबाव ने भी इस फैसले में भूमिका निभाई हो सकती है।
पिछले साल दिसंबर में इंडिगो को अपने इतिहास के सबसे बड़े ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था।
इस दौरान सैकड़ों उड़ानें रद्द या देरी से चलीं, जिसके कारण करीब 3 लाख यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और एयरलाइन की सेवाओं पर गंभीर सवाल उठे।
इस घटना का असर कंपनी की प्रतिष्ठा और ग्राहक विश्वास पर भी पड़ा।
फ्लाइट ऑपरेशंस में गड़बड़ी के बाद नागरिक उड्डयन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने मामले की जांच की।
जांच में पाया गया कि एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा और संचालन मानकों को लेकर कई स्तरों पर लापरवाही बरती थी।
इसके बाद DGCA ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था।
यह भारतीय एविएशन सेक्टर में किसी एयरलाइन पर लगाए गए बड़े जुर्मानों में से एक माना गया।
पीटर एलबर्स ने सितंबर 2022 में इंडिगो के CEO का पद संभाला था।
इससे पहले वह नीदरलैंड की एयरलाइन KLM Royal Dutch Airlines के अध्यक्ष और CEO रह चुके थे।
इंडिगो में उनके नेतृत्व में एयरलाइन ने कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स शुरू किए और अपने बेड़े का भी विस्तार किया।
हालांकि हालिया ऑपरेशनल संकट के बाद उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर के ऑपरेशनल संकट के कारण इंडिगो को लगभग ₹2000 करोड़ तक का आर्थिक नुकसान हुआ।
उड़ानों के रद्द होने, यात्रियों को मुआवजा देने और संचालन में अव्यवस्था के कारण कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ा।
इसी घटना के बाद से बोर्ड और शीर्ष प्रबंधन के बीच मतभेद की खबरें सामने आने लगी थीं।
अब इंडिगो के सह-संस्थापक राहुल भाटिया अस्थायी रूप से कंपनी के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भाटिया लंबे समय से कंपनी के रणनीतिक निर्णयों और विस्तार योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
कंपनी फिलहाल नए CEO की तलाश में जुटेगी, जो एयरलाइन के भविष्य के विस्तार और संचालन को आगे बढ़ा सके।
इंडिगो फिलहाल भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है और घरेलू एविएशन मार्केट में इसकी हिस्सेदारी काफी बड़ी है।
कंपनी अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी तेजी से विस्तार कर रही है।
ऐसे समय में CEO का इस्तीफा कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व कंपनी के भविष्य की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इंडिगो के CEO पीटर एलबर्स का इस्तीफा कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। फ्लाइट ऑपरेशन संकट और भारी जुर्माने के बाद यह फैसला आया है। फिलहाल राहुल भाटिया अंतरिम रूप से एयरलाइन की कमान संभालेंगे, जबकि कंपनी नए CEO की तलाश शुरू करेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इंडिगो इस बदलाव के बाद अपनी रणनीति और संचालन को किस दिशा में ले जाती है।
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