राजस्थान के सबसे बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल पुष्कर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अजमेर और पुष्कर के बीच अरावली की पहाड़ियों को काटकर बनाई गई प्रसिद्ध ‘पुष्कर घाटी’ अब हादसों के ब्लैक स्पॉट की पहचान से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पुष्कर घाटी लंबे समय से सड़क दुर्घटनाओं के कारण चर्चा में रही है। घाटी के संकरे रास्ते, तीखे मोड़ और ढलान वाले क्षेत्रों में अक्सर बड़े ओवरलोडेड ट्रक, डंपर और यात्री बसें अनियंत्रित होकर हादसों का शिकार होती रही हैं। कई मामलों में वाहन गहरी खाई में गिरने से गंभीर जनहानि हुई है, जिससे कई परिवारों को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी।
इन लगातार हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष और स्थानीय विधायक वासुदेव देवनानी ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इन हादसों को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय बताया है।
इसके बाद अजमेर जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घाटी क्षेत्र में एक नया और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं पर नियंत्रण करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
संभावना जताई जा रही है कि नई व्यवस्था के तहत ओवरलोड वाहनों की निगरानी, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा संकेतकों की संख्या बढ़ाना और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।
पुष्कर हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। ऐसे में घाटी मार्ग को सुरक्षित बनाने का यह कदम यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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