पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गरम हो चुका है। शुक्रवार को दमदम में आयोजित एक बड़ी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “TMC का दीया अब बुझने वाला है, और बुझता हुआ दीया फड़फड़ाता जरूर है।”
प्रधानमंत्री का यह बयान सीधे तौर पर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के खिलाफ आक्रामक चुनावी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल में लंबे समय से परिवर्तन की जो लहर दिखाई दे रही थी, पहले चरण की वोटिंग ने उस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने राज्य में लोकतंत्र को कमजोर किया, लेकिन अब जनता खुद इसे फिर से मजबूत कर रही है। उन्होंने मतदाताओं से दूसरे चरण में भारी मतदान कर “लोकतंत्र के मंदिर” पर विजय ध्वज फहराने की अपील की।
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा बेटियों के सपनों को कुचलने नहीं देगी और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होगी। मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य में जब महिलाएं न्याय मांगती हैं, तो उन्हें बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की सभी फाइलें फिर से खोली जाएंगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री ने TMC पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल को TMC के डर, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट राज, बेरोजगारी और बेटियों पर अत्याचार से मुक्ति चाहिए। उनके अनुसार राज्य में मजबूरन पलायन और अवैध कब्जों की समस्या भी बढ़ी है, जिससे आम जनता परेशान है।
इस बीच, पहले चरण के मतदान में 152 सीटों पर 92.72 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी अधिक भागीदारी बदलाव की संभावनाओं की ओर इशारा कर सकती है। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा कि 4 मई को बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और अगला मुख्यमंत्री राज्य का ही होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर मिला है, जिससे परिणाम भाजपा के पक्ष में आ सकते हैं।
मोदी ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा की विचारधारा की जड़ें बंगाल से जुड़ी हैं। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश भी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में आयकर में राहत देकर मध्यम वर्ग का जीवन आसान बनाने का प्रयास किया है, जिसमें 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स शून्य करना शामिल है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के तीखे हमले इस बात का संकेत हैं कि भाजपा इस बार सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी ताकत लगा रही है। वहीं, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और शासन के मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में बने हुए हैं। अब सभी की नजर आगामी चरणों की वोटिंग और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है।
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