दौसा में कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा कि उपचुनाव में उनकी जीत में EWS वर्ग का बड़ा योगदान रहा और इस वर्ग ने उन्हें लगभग 60 से 70 प्रतिशत वोट दिए। उन्होंने सरकार से EWS आरक्षण प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करते हुए कहा कि विवाहित महिलाओं की आय में पिता की आय शामिल नहीं होनी चाहिए।
पंडित नवलकिशोर शर्मा सामुदायिक भवन में ईडब्ल्यूएस जनजागृति मंच द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में विधायक बैरवा ने यह भी कहा कि जैसे एससी और एसटी वर्ग को चुनावों में आरक्षण मिलता है, वैसे ही ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी राजनीतिक आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे EWS वर्ग के हितों के लिए हमेशा साथ खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने भी EWS सरलीकरण की मांग उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर जयपुर और दिल्ली में आंदोलन की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने राजस्थान मॉडल को केंद्र में लागू करने की बात कही।
इस मौके पर विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और युवाओं ने भी EWS पात्रता प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवहारिक बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी-अपनी राय रखी।
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