राजस्थान के सरकारी अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) में लगाए गए मल्टीपैरा मॉनिटर की खरीद प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इन उपकरणों की खरीद में अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ, जिसके कारण मानकों के विपरीत और महंगे उपकरण अस्पतालों में लगाए गए।
लेख में दावा किया गया है कि ICU में उपयोग होने वाले ये मॉनिटर मरीजों के ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सैचुरेशन और ECG जैसी महत्वपूर्ण रीडिंग प्रदान करते हैं, जिनके गलत होने पर मरीजों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसे में गलत या संदिग्ध उपकरणों का उपयोग चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) द्वारा की जाने वाली खरीद प्रक्रिया में तकनीकी कमेटी और अनुमोदन के बावजूद शिकायतों की अनदेखी कर उपकरण लगाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही बाजार दर से अधिक कीमत पर खरीद और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ देने की बात भी सामने आई है।
लेख में यह भी उल्लेख है कि दवाओं और उपकरणों की खरीद में पारदर्शिता की कमी, शर्तों में हेरफेर और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों की भागीदारी जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
अंत में कहा गया है कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है और सिस्टम में पारदर्शिता व सख्त निगरानी की आवश्यकता है।
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