बीकानेर जिले के गंगाशहर स्थित छोटा राणीसर बास क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश के बाद स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र से गुजर रहे गंदे नाले में वर्षों से उगे पीपल के दर्जनों विशाल पेड़ अब गंभीर खतरा बन चुके हैं। नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में नाला पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव, दुर्गंध और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नाले में उगे ये पीपल के पेड़ अब 15 से 20 फीट ऊंचे हो चुके हैं, जिनकी जड़ें भूमिगत पेयजल पाइपलाइन और मकानों की नींव तक पहुंच गई हैं। इससे न केवल पाइपलाइन चोक हो रही हैं, बल्कि भवनों की मजबूती पर भी खतरा मंडरा रहा है। पेड़ों की शाखाएं ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों से उलझकर लो-वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में बाधा का कारण बन रही हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पीपल के पेड़ों से धार्मिक आस्था जुड़ी होने के कारण उन्हें काटने के बजाय सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि इन पेड़ों को गोचर भूमि में शिफ्ट कर नाले की सफाई और मरम्मत कार्य जल्द शुरू किया जाए, ताकि आगामी बारिश में किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
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