राजस्थान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए राज्य के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में हिंदी माध्यम की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। ये वे विद्यालय हैं जहां अंग्रेजी माध्यम होने के बावजूद छात्र संख्या अपेक्षाकृत कम है। सरकार का मानना है कि कई क्षेत्रों में अभिभावक अभी भी हिंदी माध्यम को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए दोनों माध्यम उपलब्ध होने से अधिक विद्यार्थियों को सरकारी स्कूलों से जोड़ा जा सकेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप छात्रों को अपनी पसंद का माध्यम चुनने की स्वतंत्रता देना है। जिन विद्यालयों में सीटें खाली हैं, वहां हिंदी माध्यम शुरू होने से प्रवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे पहले भी सरकार ने संकेत दिए थे कि जिन क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम की मांग कम है, वहां स्थानीय जरूरतों के अनुसार व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से न केवल सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा बल्कि उपलब्ध भवन, शिक्षक और अन्य संसाधनों का भी बेहतर उपयोग होगा। शिक्षा विभाग जल्द ही इन 346 विद्यालयों में हिंदी माध्यम की कक्षाएं संचालित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
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