राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नई पीढ़ी की सोच और बदलते सामाजिक माहौल पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि आज का युवा हर बात पर सवाल करता है और यह स्वाभाविक भी है। उन्होंने कहा कि केवल परंपराओं का हवाला देकर युवाओं को संतुष्ट नहीं किया जा सकता, बल्कि उनके हर प्रश्न का जवाब तर्क, संवाद और तथ्य के आधार पर देना होगा।
भागवत ने कहा कि समय के साथ समाज बदलता है और नई पीढ़ी भी नई परिस्थितियों में सोचती है। ऐसे में यदि युवा किसी विषय पर सवाल उठाते हैं तो उसे विरोध नहीं, बल्कि सीखने और समझाने का अवसर माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विचारों को स्वीकार कराने का सबसे प्रभावी तरीका संवाद और तार्किक चर्चा है।
संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए परिवार, संस्कार और जिम्मेदारी की भावना बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि युवाओं को सही दिशा देने के लिए संवाद का वातावरण बनाना होगा, ताकि वे अपनी जिज्ञासाओं का समाधान सकारात्मक तरीके से प्राप्त कर सकें।
भागवत का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में शिक्षा, सामाजिक बदलाव और युवाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा चल रही है। उनके इस संदेश को नई पीढ़ी के साथ संवाद बढ़ाने और तर्क आधारित सोच को प्रोत्साहित करने के रूप में देखा जा रहा है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.