रणथंभौर में GSM और सैटेलाइट तकनीक से बाघों की लाइव मॉनिटरिंग की तैयारी

  • राजस्थान में पहली बार ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस (GSM) से लैस कैमरों और सैटेलाइट तकनीक के जरिए बाघों की निगरानी की जाएगी। इस तकनीक से रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पेराफेरी इलाकों में 8-10 बाघों की मॉनिटरिंग की जाएगी। GSM कैमरों में सिम कार्ड लगा होगा और यह सीधे मोबाइल नेटवर्क से काम करेगा। एप के जरिए लाइव मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे हर गतिविधि पर रियल-टाइम नजर रखी जा सकेगी।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में आरबीटी-2504 (माही) और आरबीटी-2510 नामक बाघिनों के मिसिंग होने के बाद वन विभाग ने पेराफेरी इलाकों में नई हाईटेक तकनीक लागू करने का फैसला लिया। इसके तहत पांच टीमें जंगल में पैदल पेट्रोलिंग कर रही हैं और करीब 100 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। संभावित नए टाइगर कॉरिडोर की पहचान भी इसी तकनीक से की जाएगी।

वन प्रशासन ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद पेराफेरी इलाकों में शुरुआती चरण में 8-10 बाघों की निगरानी की जाएगी। साथ ही बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए टाइगर सर्विलांस सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। अब तक 9 थर्मल कैमरे रि-एक्टिव किए गए हैं, जो किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक भेजते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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