नागौर में किसानों को फसल ऋण में भारी अनियमितता का आरोप

नागौर जिले के खींवसर क्षेत्र में किसानों को दिए जा रहे अल्पकालीन फसली ऋण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सहकारिता विभाग और ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर आरोप है कि वे नए सदस्यों को नजरअंदाज कर पुराने सदस्यों को ही ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, जबकि कई किसानों को निर्धारित फसल ऋण का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि जिनका किसान क्रेडिट कार्ड के तहत डेढ़ लाख रुपये का ऋण बनता है, उन्हें केवल 10 हजार रुपये तक ही दिए जा रहे हैं, जिसमें भी विभिन्न शुल्क काटकर वास्तविक राशि और कम हो जाती है। इससे किसानों को फसल की बुवाई के लिए साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर पैसा लेना पड़ रहा है।

पिछले चार वर्षों से करीब सवा लाख से अधिक किसानों को अपेक्षित फसली ऋण नहीं मिल पाया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। पहले रबी और खरीफ फसलों के लिए अलग-अलग ऋण दिया जाता था, लेकिन अब दोनों को एक ही ऋण में शामिल कर दिया गया है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

प्रदेश में 1,36,603 नए सहकारी सदस्य बनाए जाने के बावजूद उन्हें ऋण सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। इससे किसान सहकारी समितियों से दूरी बनाने लगे हैं। किसानों का आरोप है कि जिला स्तरीय ऋण निर्धारण कमेटी द्वारा तय की गई वित्तीय सीमा का भी पालन नहीं हो रहा है, जिससे इस व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

किसान संगठनों का कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुसार ऋण न मिलने से किसान आर्थिक संकट में हैं और खेती की लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। इस स्थिति ने सहकारी ऋण प्रणाली और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | | | | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! |