बूंदी की चंबल पेयजल परियोजना अटकी, 85 हजार लोगों को नहीं मिला पानी

बूंदी जिले के हिण्डोली विधानसभा क्षेत्र में चंबल पेयजल परियोजना चार वर्षों से धीमी गति से चल रही है, जिस पर अब तक सरकार करीब 425 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद लगभग 85 हजार उपभोक्ताओं को अब तक पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के करीब 50 गांवों के मोहल्लों और ढाणियों में अभी भी टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, जबकि योजना के तहत नवंबर 2024 तक लगभग 500 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू होनी थी।

परियोजना का कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, लेकिन बजट के अभाव और भुगतान में देरी के कारण संवेदक ने काम रोक दिया, जिससे निर्माणाधीन संरचनाएं भी प्रभावित हुई हैं। जाखोली और बसोली मोड़ पर बने पंपिंग सिस्टम फिलहाल निष्क्रिय पड़े हैं। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा स्वीकृत 974 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य हिण्डोली क्षेत्र में व्यापक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

विधानसभा में भी यह मुद्दा उठ चुका है, जहां विधायक अशोक चांदना ने योजना में देरी पर सवाल उठाए थे। इसके जवाब में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने अप्रैल 2027 तक परियोजना पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए समयसीमा को लेकर संशय बना हुआ है।

योजना के तहत जाखोली और बसोली मोड़ पंप हाउस से हिण्डोली, बांसी, दबलाना, देई और नैनवां क्षेत्रों में टंकियों के माध्यम से जलापूर्ति की जानी है, जिनमें कुल दर्जनों टंकियां स्थापित की जा चुकी हैं। हालांकि अभी तक सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है।

अधिकारियों के अनुसार संवेदक को नोटिस जारी किया गया है और काम बंद होने पर कार्रवाई की गई है, साथ ही डिमांड भी भेजी गई है। लेकिन वित्तीय अड़चनों के कारण परियोजना का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है।

 

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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