राजस्थान में मानसून की वापसी के संकेतों के बावजूद आज 22 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के गोंडा में बाढ़ का असर बना हुआ है, जहां करीब 10 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है।
राजस्थान में आज भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
शुक्रवार को डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि बीकानेर के कोलायत में भी अच्छी बारिश हुई। पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के तापमान में 6 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई।
मौसम में बदलाव के बीच अब पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी की शुरुआत होने के संकेत हैं।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून की विदाई का समय नजदीक है। अगले 12 से 24 घंटे में राजस्थान के रास्ते मानसून की वापसी शुरू होने के आसार हैं।
शनिवार को लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज समेत कई शहरों में सुबह बादल छाए रहे, हालांकि बाद में धूप निकल आई। प्रदेश के 31 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अलर्ट है।
गोंडा में घाघरा नदी के जलस्तर में कमी आने से कुछ राहत मिली है, लेकिन करीब 15 गांवों में 10 हजार लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं, करीब 20 बीघा खेती की जमीन नदी में समा जाने की जानकारी सामने आई है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटने के बाद घाटों की सीढ़ियां फिर दिखाई देने लगी हैं।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में लंबे समय के बाद शुक्रवार को बारिश हुई। इस दौरान बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक दंपती समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसों में चार लोगों के घायल होने की भी जानकारी है।
बारिश और मौसम में बदलाव के बीच प्रशासन की ओर से लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े रहने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में आज किसी भी जिले के लिए मौसम का अलर्ट नहीं है। मैदानी और पहाड़ी इलाकों में सुबह धूप रही, हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछार हो सकती है।
चीरबासा में लैंडस्लाइड के बाद केदारनाथ पैदल मार्ग की मरम्मत का काम जारी है। इसके चलते सोनप्रयाग से सुबह 5 बजे से 9 बजे तक यात्रा रोकी गई है, जबकि हेलिकॉप्टर सेवा जारी है।
गुरुवार की बारिश और बर्फबारी के बाद प्रदेश में अब भी 52 सड़कें बंद बताई गई हैं।
छत्तीसगढ़ में कमजोर पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
रायपुर समेत कई जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 33.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश के कोटे का करीब 89.3 प्रतिशत है।
मानसून सीजन के अंतिम दिनों में कुछ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य स्तर तक पहुंच सकता है। हालांकि इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में अभी बारिश सामान्य से कम है।
हरियाणा में मानसून की वापसी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 सितंबर से प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
इस मानसून सीजन में अब तक हरियाणा में 317 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 22 प्रतिशत कम है। हिसार समेत राजस्थान से सटे कुछ इलाकों में हल्की धुंध भी देखने को मिली।
बिहार में मानसून कमजोर पड़ने लगा है। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र ने आज 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका है। पिछले 24 घंटे में किशनगंज में सबसे ज्यादा 134 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मधुबनी में 46 मिमी, अररिया में 30 मिमी, रोहतास में 28 मिमी और पूर्णिया में 12 मिमी बारिश हुई।
20 सितंबर: मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट।
21 सितंबर: मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में बारिश का यलो अलर्ट।
मानसून की वापसी के साथ जहां राजस्थान और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर कमजोर होने लगेगा, वहीं मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
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