UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब, शहबाज शरीफ के बयान पर पेटल गहलोत ने उठाए आतंकवाद और कश्मीर के मुद्दे

भारत ने कहा- सीमा पार आतंकवाद जारी रहा तो आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल जारी रहेगा, पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क, 26 सितंबर 2026। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के बाद भारत ने राइट ऑफ रिप्लाई के जरिए जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा।

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही नीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के परिणाम होंगे।

'बार-बार झूठ दोहराने से सच नहीं बनता'

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं बन जाता। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद, छल और दोहरे रवैये का आरोप लगाया और कहा कि ऐसी नीति पाकिस्तान या दुनिया, किसी के हित में नहीं है।

उन्होंने आतंकवाद के संदर्भ में ओसामा बिन लादेन का भी उल्लेख किया। गहलोत ने कहा कि 9/11 हमलों का मास्टरमाइंड लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के पास रह रहा था।

जम्मू-कश्मीर पर भारत ने दोहराया अपना रुख

शहबाज शरीफ की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने अपना पुराना आधिकारिक रुख दोहराया। पेटल गहलोत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए वहां के लोगों के अधिकारों और स्थिति पर ध्यान देने की बात कही।

'दिन में सुरक्षा, रात में आतंकवाद' पर भी टिप्पणी

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान दिन में सुरक्षा की बात करता है, जबकि रात में आतंकवाद को अंजाम देने का आरोप उस पर लगाया जाता है। उन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। ये आरोप भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में दिए गए जवाब का हिस्सा थे।

शहबाज शरीफ के बयान के बाद आया भारत का जवाब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप का भी उल्लेख किया और इसे संघर्ष को रोकने में महत्वपूर्ण बताया। भारत ने तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से जुड़े दावों को पहले खारिज किया है।

भारत की ओर से जवाब देते हुए पेटल गहलोत ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भारत के लिए सुरक्षा से जुड़ा विषय है और ऐसी गतिविधियों के खिलाफ भारत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखेगा।

भारत के जवाब की प्रमुख बातें

  • UNGA में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर भारत का राइट ऑफ रिप्लाई
  • भारत की ओर से फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने जवाब दिया
  • सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर आरोप
  • भारत ने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल जारी रखने की बात कही
  • जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया
  • पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों का मुद्दा उठाया
  • ओसामा बिन लादेन के एबटाबाद में पाए जाने का उल्लेख
  • पाकिस्तान के बयानों पर कहा गया कि बार-बार दोहराने से झूठ सच नहीं बनता

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