मामले में पीड़ित बिजनेसमैन ने जवाहर सर्किल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में पटवारी रविंद्र कुमार महावर पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर धमकी देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बस्सी निवासी बिजनेसमैन का ऑफिस जयपुर के गोकुल वाटिका, जवाहर सर्किल क्षेत्र में है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे उसके मोबाइल पर वॉट्सऐप कॉल आया।
कॉल करने वाले ने कथित तौर पर चार दिन के अंदर 1 करोड़ रुपए देने की मांग की। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि ‘चार दिन की जिंदगी जी ले, पांचवां दिन नहीं देख पाएगा।’
धमकी मिलने के बाद बिजनेसमैन ने नंबर की पहचान करने का प्रयास किया।
बिजनेसमैन ने कॉल करने वाले मोबाइल नंबर को Truecaller पर चेक किया। रिपोर्ट के मुताबिक नंबर रविंद्र कुमार महावर के नाम से दिखाई दिया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह रविंद्र कुमार को पहले से जानता था। रविंद्र कुमार पहले दांतली-सिरोली में पटवारी रह चुके हैं।
इसके बाद बिजनेसमैन ने रविंद्र से संपर्क किया। आरोप के मुताबिक, रविंद्र ने बताया कि करीब चार दिन पहले उसने अपनी सिम हरियाणा में रहने वाले एक दोस्त को दी थी। उसने दोस्त से बात करने की बात कही और बाद में बिजनेसमैन को बताया कि अब आगे कोई कॉल नहीं आएगा।
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले के पीछे चुनावी विवाद की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रविंद्र ने बताया कि वह अपने दोस्तों कपिल शर्मा, मुनीराज मीणा और रामलाल मीणा के साथ 17 सितंबर को विराटनगर स्थित एक फार्म हाउस पर गया था।
बताया गया कि 18 सितंबर की सुबह वहां पार्टी के दौरान जयपुर नगर निगम के वार्ड 61 से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले रामलाल मीणा ने चुनाव हारने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान कपिल शर्मा ने कथित तौर पर बिजनेसमैन पर चुनाव में रामलाल मीणा को हराने के लिए पैसे बांटने का आरोप लगाया। इसके बाद कथित तौर पर कपिल ने रविंद्र का मोबाइल लेकर बिजनेसमैन को वॉट्सऐप कॉल किया।
शिकायत के मुताबिक, धमकी मिलने के बाद बिजनेसमैन ने कॉल काट दिया। इसके बाद जब उसकी ओर से वापस कॉल किया गया तो कथित तौर पर मुनीराज मीणा ने फोन उठाया।
आरोप है कि मुनीराज ने खुद को ‘संदीप चौधरी, हरियाणा वाला’ बताते हुए बिजनेसमैन को धमकी दी। इसके बाद कॉल काट दिया गया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि धमकी भरे कॉल वास्तव में किन लोगों की ओर से किए गए और पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
ASI किशन लाल के अनुसार, बिजनेसमैन की शिकायत पर जवाहर सर्किल थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस की जांच में कॉल डिटेल, मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप कॉल और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा सकती है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
नोट: इस खबर में बताए गए आरोप पुलिस में दर्ज शिकायत और पूछताछ में सामने आई जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
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