नाना पाटेकर की तबीयत रात में ही बिगड़ने लगी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 2:30 बजे उन्होंने अपने एक दोस्त को तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी देते हुए मैसेज किया था। दोस्त ने रात में मैसेज नहीं देखा। बाद में करीब 4 बजे वह नाना के घर पहुंचा, जहां उनकी हालत काफी खराब थी।
नाना को काफी पसीना आ रहा था और वह धीरे-धीरे बेहोश होने लगे। इसके बाद एंबुलेंस बुलाई गई और मेडिकल टीम ने घर पहुंचकर उन्हें CPR देना शुरू किया। उन्हें करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक उन्हें अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था।
नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक के अपने करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा की 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी दमदार आवाज, संवाद अदायगी और अलग तरह की अभिनय शैली ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग अभिनेताओं में शामिल किया।
फिल्म ‘परिंदा’ में उनके अन्ना के किरदार को बेहद पसंद किया गया। इस भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद ‘क्रांतिवीर’ के लिए बेस्ट एक्टर और ‘अग्निसाक्षी’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उनके खाते में तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार रहे।
भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2013 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।
नाना पाटेकर सिर्फ गंभीर और दमदार भूमिकाओं के लिए ही नहीं जाने जाते थे। 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘वेलकम’ में उन्होंने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाकर दर्शकों को खूब हंसाया। उनका यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि वह फिल्म के सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी नजर आए।
नाना पाटेकर का सेना से भी गहरा जुड़ाव रहा। फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने भारतीय सेना के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था।
प्रशिक्षण के बाद वह टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े और उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं।
कारगिल युद्ध के दौरान भी उनके सेना से जुड़ाव की चर्चा रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से अनुमति लेकर अग्रिम इलाकों में करीब दो महीने सेना के साथ बिताए थे।
नाना पाटेकर के निधन की खबर से बॉलीवुड और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नाना पाटेकर जैसे कलाकार बहुत कम होते हैं। उनके निभाए किरदारों को कई पीढ़ियां याद रखेंगी।
अभिनेता अक्षय कुमार ने भी नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि वह उन चुनिंदा कलाकारों में से थे, जिन्हें पर्दे पर देखने के लिए किसी खास वजह की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने नाना के साथ ‘वेलकम’ और ‘हाउसफुल 5’ में काम करने की यादें साझा कीं।
रितेश देशमुख ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें बेहतरीन अभिनेता और पर्दे से बाहर भी हीरो बताया। वहीं शिखर धवन ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक बेहद खास प्रतिभा खो दी है।
नाना पाटेकर अपनी फिल्मों के अलावा सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। किसानों और जरूरतमंदों की मदद के लिए उन्होंने सामाजिक संस्थाओं के साथ काम किया। उनकी सादगी और समाज के प्रति संवेदनशीलता की भी अक्सर चर्चा होती रही।
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद और यादगार किरदारों के जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई, वह लंबे समय तक कायम रहेगी।
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