म्यूजियम के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य पिछले 10 वर्षों में विकसित की गई पहचान और गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए पर्यटकों को कुछ नया उपलब्ध कराना है। नए स्वरूप में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के वैक्स स्टेच्यू के साथ फिल्मों, कलात्मक संरचनाओं और दृश्यात्मक प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया है।
हिस्टॉरिका में जयपुर की ऐतिहासिक रामप्रकाश टॉकीज की प्रतिकृति तैयार की गई है। यहां 33 सीटों वाला ऑडिटोरियम बनाया गया है, जहां पर्यटकों को ‘मिस्ट्री ऑफ नाहरगढ़’ और ‘हाड़ी रानी’ की कहानी पर आधारित विशेष फिल्में दिखाई जाएंगी।
‘मिस्ट्री ऑफ नाहरगढ़’ के जरिए किले से जुड़ी ऐतिहासिक कहानियों और रहस्यों को प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, हाड़ी रानी की वीरता, त्याग और बलिदान की गाथा पर आधारित फिल्म राजस्थान के इतिहास से परिचित कराएगी। म्यूजियम के रॉयल दरबार में हाड़ी रानी का वैक्स पुतला भी प्रदर्शित किया गया है।
हिस्टॉरिका का एक अन्य प्रमुख आकर्षण शीशमहल होगा। म्यूजियम प्रबंधन के मुताबिक, इसे 25 लाख से अधिक कांच के टुकड़ों, पारंपरिक ठिकरी कला, सोने की नक्काशी और रोशनी के संयोजन से सजाया गया है।
इसकी खासियत कांच का फर्श बताया जा रहा है, जो पर्यटकों को एक अलग दृश्यात्मक अनुभव देगा। पारंपरिक शिल्प और आधुनिक प्रस्तुति के मेल से तैयार यह संरचना म्यूजियम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी।
म्यूजियम के रॉयल दरबार और हॉल ऑफ आइकॉन्स में राजस्थान के ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के साथ राष्ट्रीय और समकालीन हस्तियों के पुतले भी प्रदर्शित किए गए हैं। यहां महाराजा सवाई जय सिंह, महारानी गायत्री देवी और महाराणा प्रताप के साथ महात्मा गांधी, भगत सिंह तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के वैक्स स्टेच्यू देखने को मिलेंगे।
इसके अलावा अभिनेता अमिताभ बच्चन और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर सहित 42 से अधिक प्रमुख हस्तियों के पुतले भी यहां प्रदर्शित हैं।
म्यूजियम के फाउंडर अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि आज के पर्यटक किसी ऐतिहासिक स्थान पर केवल तस्वीरें खिंचवाने के बजाय उससे जुड़ी कहानियों और अनुभवों को भी जानना चाहते हैं। इसी सोच के तहत हिस्टॉरिका में वैक्स स्टेच्यू, सिनेमा, स्थापत्य, रोशनी और कला को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
म्यूजियम के नए स्वरूप की आधिकारिक शुरुआत नवरात्र के पहले दिन किए जाने की जानकारी दी गई है। इस बदलाव के बाद नाहरगढ़ आने वाले पर्यटकों को एक ही परिसर में ऐतिहासिक हस्तियों के पुतले, राजस्थान की वीरगाथाओं पर आधारित फिल्में और भव्य शीशमहल देखने का अवसर मिलेगा। इससे जयपुर के पर्यटन आकर्षणों में एक नया अनुभव जुड़ने की उम्मीद है।
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