राजस्थान में 1.55 लाख पदों पर होंगे पंचायत चुनाव, निर्वाचन आयोग ने तेज की तैयारियां

जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगरीय निकाय चुनाव के मुकाबले पंचायत चुनाव का दायरा करीब 15 गुना बड़ा होने के कारण आयोग ने सभी संभागीय आयुक्तों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में पंचायत चुनाव के तहत करीब 1.55 लाख पदों पर निर्वाचन कराया जाना है, जबकि नगरीय निकाय चुनाव में 10,245 पदों के लिए मतदान हुआ था।

निर्वाचन आयुक्त ने की तैयारियों की समीक्षा

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शनिवार को शासन सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी संभागीय आयुक्त और जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं का केवल कागजी सत्यापन न किया जाए, बल्कि मतदान केंद्रों और अन्य निर्वाचन स्थलों का भौतिक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय, नियमित समीक्षा और पहले से कार्ययोजना तैयार कर काम करने के निर्देश दिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

हर ग्राम पंचायत में बिजली के वैकल्पिक इंतजाम

चुनाव के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवश्यकता के अनुसार जनरेटर और लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संबंधित बिजली कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर चुनाव अवधि में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आयोग ने मतदान केंद्रों पर बिजली, प्रकाश और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का पहले से सत्यापन करने तथा कमियों को समय रहते दूर करने पर जोर दिया।

संवेदनशील मतदान केंद्रों पर रहेगी विशेष निगरानी

पंचायत चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों की पहचान कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस को आपसी तालमेल के साथ सुरक्षा योजना तैयार करने तथा संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने को कहा गया है।

मतदान दलों, ईवीएम और मतपत्रों की व्यवस्था पर फोकस

बैठक में मतदान दलों के गठन, कार्मिकों के प्रशिक्षण, परिवहन व्यवस्था और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके साथ ही ईवीएम, मतपेटियों, मतपत्रों के मुद्रण और सुरक्षा तथा निर्वाचन सामग्री के सुरक्षित प्रबंधन पर भी चर्चा हुई।

आयुक्त ने निर्देश दिए कि चुनाव में तैनात होने वाले कार्मिकों को समय पर प्रशिक्षण दिया जाए और मतदान दलों के आवागमन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं।

दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं को मिलेगी सुविधा

आयोग ने दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार वीडियोग्राफी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आदर्श आचरण संहिता की पालना पर भी जोर दिया गया।

बैठक से पहले आयोग की ओर से पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 की प्रक्रिया, नियमों और शर्तों को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में आयोग के सचिव राजेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

करीब 1.55 लाख पदों पर होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए आयोग का मुख्य फोकस मतदान केंद्रों की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, कार्मिकों के प्रशिक्षण और निर्वाचन सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।

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