राजस्थान पंचायती राज चुनाव: 21 और 22 अक्टूबर को BJP की अहम बैठकें, 17 जिलों में उम्मीदवारों के नाम पर होगा मंथन

जयपुर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने टिकट चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाने के उद्देश्य से 21 और 22 अक्टूबर को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार मौजूद रहेंगे।

बैठकों में संभाग और जिला प्रभारियों की ओर से तैयार किए गए उम्मीदवारों के पैनल पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी का लक्ष्य चुनावी समीकरणों, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मजबूत उम्मीदवारों का चयन करना है।

17 जिलों के उम्मीदवारों पर होगा मंथन

पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण से जुड़े जिलों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय में बैठकें होंगी। 21 अक्टूबर को विभिन्न संभागों के जिलों के राजनीतिक और संगठनात्मक समीकरणों पर चर्चा की जाएगी। वहीं, 22 अक्टूबर को भरतपुर संभाग से जुड़े चार जिलों के लिए बैठकें प्रस्तावित हैं।

इन बैठकों में शामिल जिलों का विवरण इस प्रकार है:

  • अजमेर संभाग: ब्यावर, डीडवाना-कुचामन और टोंक।

  • उदयपुर संभाग: प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और सलूंबर।

  • बीकानेर संभाग: चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर।

  • जयपुर संभाग: खैरथल-तिजारा।

  • जोधपुर संभाग: बालोतरा।

  • कोटा संभाग: बारां और बूंदी।

  • भरतपुर संभाग: भरतपुर, डीग, धौलपुर और सवाई माधोपुर।

इन जिलों में जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी की ओर से पहले ही कई स्तरों पर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया जा चुका है। अब प्रदेश नेतृत्व के स्तर पर पैनल को अंतिम रूप देने की कवायद की जा रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी क्यों है अहम?

टिकट चयन की बैठकों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री को प्रदेश की स्थानीय राजनीति, ग्रामीण क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरणों और संगठन के कार्यकर्ताओं की स्थिति की जानकारी है। ऐसे में उम्मीदवारों के चयन के दौरान स्थानीय नेताओं के बीच सहमति बनाने और विवादों को सुलझाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।

बैठकों में मदन राठौड़ और अजेय कुमार के साथ मुख्यमंत्री की भागीदारी से प्रदेश नेतृत्व और संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर रहेगा। भाजपा इससे पहले भी पंचायती राज चुनाव के शुरुआती चरणों के लिए टिकट चयन को लेकर व्यापक स्तर पर बैठकें कर चुकी है।

नए जिलों में जीत दर्ज करना BJP के लिए चुनौती

पंचायती राज चुनाव का तीसरा चरण भाजपा के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश उन जिलों में भी मजबूत प्रदर्शन करने की है, जहां नए प्रशासनिक जिलों के गठन के बाद राजनीतिक समीकरण बदले हैं।

ब्यावर, डीडवाना-कुचामन, डीग और सलूंबर जैसे जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज करना भाजपा की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं, बारां जिले में पार्टी को कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों से चुनौती मिलने की संभावना है।

डीडवाना में स्थानीय राजनीतिक समीकरण और यूनुस खान की भूमिका भी चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकती है। प्रतापगढ़ और सलूंबर में भाजपा का मुकाबला कांग्रेस के साथ भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) से भी हो सकता है। सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने करीबी मुकाबले में जीत दर्ज की थी, ऐसे में इस क्षेत्र में पार्टी के सामने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने की चुनौती रहेगी।

भरतपुर और आसपास के जिलों पर भी नजर

भरतपुर संभाग के भरतपुर, डीग, धौलपुर और सवाई माधोपुर जिलों के लिए 22 अक्टूबर को बैठकें प्रस्तावित हैं। इन जिलों में उम्मीदवारों का चयन भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

भरतपुर में पार्टी की कोशिश निकाय चुनावों में मिले प्रदर्शन को पंचायती राज चुनावों में भी दोहराने की रहेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह क्षेत्र होने के कारण भी भरतपुर जिले की राजनीतिक गतिविधियों पर विशेष नजर रहेगी।

भाजपा का लक्ष्य अधिक से अधिक जिला प्रमुख और प्रधान पदों पर जीत हासिल करना है। इसके लिए पार्टी स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है।

टिकट चयन में संगठनात्मक समीकरणों पर भी नजर

भाजपा ने टिकट चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संभाग और जिला प्रभारियों से पैनल तैयार करवाए हैं। अजमेर संभाग की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के पास है, जबकि भरतपुर संभाग का दायित्व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी संभाल रहे हैं।

अब प्रदेश मुख्यालय में होने वाली बैठकों में इन पैनलों पर अंतिम मंथन किया जाएगा। उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय लोकप्रियता, संगठन के प्रति सक्रियता, चुनावी संभावनाओं और क्षेत्रीय समीकरणों जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।

कुल मिलाकर, 21 और 22 अक्टूबर की बैठकें राजस्थान में भाजपा की पंचायती राज चुनाव रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगी। इन बैठकों के बाद उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और चुनावी मुकाबले की तस्वीर अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
Gold-Silver Price: सोना 1.50 लाख रुपये के पार, चांदी 2.15 लाख रुपये प्रति किलो पर स्थिर; दिवाली तक बढ़ेंगे दाम? | राजस्थान पंचायत समिति चुनाव 2026: दूसरे चरण में 8,989 प्रत्याशी मैदान में, 1,711 निर्विरोध निर्वाचित | राजस्थान पंचायती राज चुनाव: 21 और 22 अक्टूबर को BJP की अहम बैठकें, 17 जिलों में उम्मीदवारों के नाम पर होगा मंथन | विजयादशमी 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा, जानें इस पर्व का महत्व | Cyber Fraud Alert: न लिंक क्लिक, न OTP शेयर… फिर भी खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें क्या है SIM Swap फ्रॉड | Rajasthan Weather Update: राजस्थान के 4 संभागों में आज और कल बारिश के आसार, तेज हवाओं के साथ बदल सकता है मौसम | मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड, अवनी लेखरा ने सिल्वर; CM भजनलाल शर्मा ने दी बधाई | राजस्थान में सूखे के हालात पर अशोक गहलोत का सरकार पर हमला, बोले- पेयजल संकट दूर करने के लिए तत्काल करें व्यवस्था | राजस्थान की बेटियों का धमाल, मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड तो अवनी लेखरा ने दिलाया सिल्वर | Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ की कार पर 5 राउंड फायरिंग, हमलावरों की तस्वीर आई सामने; अंधेरी स्टेशन से बाइक बरामद |