मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' संकल्प को साकार करने के लिए स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना जरूरी है। गोबर और मिट्टी से बने पारंपरिक दीयों को अपनाने से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षण मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं, कारीगरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को रोजगार एवं आर्थिक मजबूती मिलेगी।
मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस बार दीपावली के अवसर पर देवस्थान विभाग के अधीन आने वाले प्रमुख मंदिरों की विशेष साज-सज्जा और आकर्षक लाइटिंग के लिए राज्य सरकार की ओर से बजट जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों की भव्यता बढ़ाने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश के आराध्य देवों और प्रमुख मंदिरों की सजावट के लिए निरंतर योगदान दे रही है। इन प्रयासों से दीपावली जैसे त्योहारों की रौनक बढ़ने के साथ मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही और धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार की दीपावली प्रदेश में समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आएगी।
मंत्री ने आमजन से अपील की कि वे इस दीपावली पर स्थानीय कारीगरों के बनाए गोबर और मिट्टी के दीये खरीदें और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
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