मिशन कर्मयोगी के तहत 70 वरिष्ठ अधिकारियों ने सुशासन और नागरिक केंद्रित प्रशासन पर किया मंथन

मिशन कर्मयोगी के तहत 70 वरिष्ठ अधिकारियों ने सुशासन और नागरिक केंद्रित प्रशासन पर किया मंथनजयपुर, 13 अगस्त। राजस्थान में मिशन कर्मयोगी के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने और नागरिक केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने राजस्थान के ‘कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम’ की सराहना करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की पहल और नेतृत्व की प्रशंसा की है।

कमीशन ने वरिष्ठ अधिकारियों के लिए इस तरह की पहल करने वाले राज्यों में राजस्थान को अग्रणी बताया है। आयोग के अनुसार, राज्य के शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी इस कार्यक्रम को प्रभावी और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली पहल बनाती है।

एचसीएम रीपा में हुआ वरिष्ठ अधिकारियों का कार्यक्रम

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की पहल पर कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सहयोग से 10 अगस्त को एचसीएम रीपा में ‘कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम’ के वरिष्ठ अधिकारी संस्करण का आयोजन किया गया।

दो बैच में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के 70 वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों में प्रशासनिक क्षमता, कर्तव्यबोध और नागरिक केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूत करना रहा।

सुशासन और नागरिक केंद्रित प्रशासन पर मंथन

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रशासन में उद्देश्य और मूल्यों की भूमिका, नागरिक केंद्रित शासन और लोक सेवा को अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

अधिकारियों ने बदलती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करने, सरकारी सेवाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित करने और नागरिकों की अपेक्षाओं के प्रति अधिक संवेदनशील प्रशासन तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।

मिशन कर्मयोगी की मूल भावना के अनुरूप अधिकारियों में कर्तव्यबोध, जवाबदेही और नागरिक केंद्रित सोच को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्य सचिव की सक्रिय भागीदारी की हुई तारीफ

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की सक्रिय सहभागिता की विशेष रूप से सराहना की।

कमीशन ने इसे ‘उदाहरण प्रस्तुत करने वाला नेतृत्व’ बताते हुए कहा कि राज्य का शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व स्वयं प्रशासन के उद्देश्य, मूल्यों और नागरिक केंद्रित शासन जैसे विषयों पर चिंतन के लिए समय दे रहा है। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को भी इसी दृष्टिकोण के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

‘विकसित भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन ने राजस्थान की इस पहल को क्षमता निर्माण की वास्तविक भावना का उदाहरण बताया। आयोग के अनुसार, ऐसे प्रयास भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप सक्षम, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित सिविल सेवा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

राजस्थान में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर आयोजित यह कार्यक्रम मिशन कर्मयोगी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक नेतृत्व को मजबूत करने, लोक सेवा में जवाबदेही बढ़ाने और नागरिकों को बेहतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

क्या है मिशन कर्मयोगी?

मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता को लगातार विकसित करना और उन्हें बदलती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। इसके तहत अधिकारियों में बेहतर निर्णय क्षमता, जवाबदेही, कर्तव्यबोध और नागरिक केंद्रित कार्य संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया जाता है।

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