नेपाल: नेपाल में आई भयंकर बाढ़ और तेज जलधारा ने भारी तबाही मचाई। कई मकान बाढ़ के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पूरी तरह बह गए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक हरे रंग का मकान तेजी से वायरल हुआ, जो चारों तरफ पानी के तेज बहाव के बावजूद मजबूती से खड़ा दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगा कि आखिर ऐसा क्या खास है इस घर में, जो इतनी भीषण बाढ़ के बीच भी नहीं बहा?
इस वायरल घर की सच्चाई जानने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट की गई। मौके पर पहुंचकर घर के मालिक प्रकाश पेल से बातचीत की गई। बातचीत में मकान की मजबूती से जुड़ी कई अहम बातें सामने आईं।
घर के मालिक के मुताबिक, यह मकान आज से करीब 35 से 40 साल पहले बनाया गया था। उस दौर में मकान के निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया था। परिवार का कहना है कि घर बनाने में अच्छी क्वालिटी की सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
मकान को मजबूत बनाने के लिए निर्माण के समय ही इसकी संरचना पर खास ध्यान दिया गया था। यही वजह मानी जा रही है कि बाढ़ के दौरान पानी का तेज बहाव आने के बावजूद घर का मुख्य ढांचा पूरी तरह नहीं ढहा।
हालांकि, वायरल वीडियो देखकर ऐसा लग सकता है कि बाढ़ का इस मकान पर कोई असर ही नहीं पड़ा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है। मकान की निचली मंजिलों को बाढ़ के पानी से नुकसान पहुंचा है। तेज पानी और मलबे का असर घर के निचले हिस्से पर साफ नजर आया।
इसके बावजूद मकान का ऊपरी हिस्सा मजबूती से खड़ा रहा। आसपास के कई घरों के मुकाबले इस घर की स्थिति बेहतर दिखाई दी।
मकान के बचने के पीछे किसी चमत्कार से ज्यादा इसकी मजबूत निर्माण संरचना और बेहतर निर्माण सामग्री को अहम वजह माना जा रहा है। करीब चार दशक पहले बनाया गया यह घर आज भी अपनी मजबूती की मिसाल पेश कर रहा है।
नेपाल की इस भयानक बाढ़ ने जहां कमजोर और पुराने निर्माण की पोल खोल दी, वहीं यह हरा मकान चर्चा का केंद्र बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद अब लोग इसके पीछे की असली कहानी जान रहे हैं।
यानी, बाढ़ के बीच घर के बचने का ‘सीक्रेट’ किसी रहस्यमयी ताकत में नहीं, बल्कि मजबूत निर्माण और बेहतर गुणवत्ता में छिपा नजर आता है।
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