जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर पहली बार राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की मेजबानी करने जा रही है। 1 और 2 जुलाई को आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के नीति-निर्माता, आईटी विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी और डिजिटल गवर्नेंस के विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे। इस बार सम्मेलन की थीम है— "विकसित भारत 2047: AI Enabled, Data Driven and Secure Digital Governance", जो भविष्य के भारत की डिजिटल तस्वीर तय करेगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रेस वार्ता में बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स, डीप टेक, क्वांटम कंप्यूटिंग, वॉइस-फर्स्ट टेक्नोलॉजी और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए सरकारी सेवाओं को पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
सम्मेलन में इस बात पर मंथन होगा कि कैसे तकनीक के जरिए आम नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर लगाए सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में 27 राज्य, 9 केंद्र शासित प्रदेश, 17 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार विजेता, NASSCOM, एमएनआईटी जयपुर और कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। दूसरे दिन केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड-2026 प्रदान करेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जल्द ही WhatsApp आधारित सरकारी सेवा शुरू करेंगे, जिसके माध्यम से शुरुआती चरण में 27 सरकारी सेवाएं सीधे मोबाइल पर उपलब्ध होंगी। भविष्य में नागरिक अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर भी सरकारी योजनाओं, सेवाओं और शिकायतों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
राजस्थान सरकार Single Window और Single Access Portal विकसित कर रही है, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को अलग-अलग वेबसाइटों और कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि—
दो दिवसीय सम्मेलन में 6 प्लेनरी और 6 ब्रेकआउट सेशन आयोजित होंगे। इनमें प्रमुख विषय होंगे—
सम्मेलन के समापन पर 'जयपुर डिक्लेरेशन' जारी किया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरे देश में डिजिटल गवर्नेंस को और मजबूत बनाना, सरकारी सेवाओं को सरल बनाना और तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक तेज, पारदर्शी एवं भरोसेमंद सेवाएं पहुंचाने की नई रूपरेखा तैयार करना होगा।
जयपुर में पहली बार आयोजित यह सम्मेलन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए भारत के प्रशासनिक भविष्य को नई दिशा देने वाला राष्ट्रीय मंच माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसका असर करोड़ों नागरिकों तक पहुंचने वाली सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता और गति पर देखने को मिल सकता है।
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