जयपुर: राजस्थान सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में फर्जी बिलिंग, दवा घोटालों और गलत क्लेम पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश के सभी RGHS से जुड़े अस्पतालों और फार्मेसियों के लिए नई डिजिटल गाइडलाइंस लागू कर दी हैं। इन नियमों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकना और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ईमानदारी से इलाज कराने वाले मरीजों को पहले की तरह कैशलेस सुविधा मिलती रहेगी। हालांकि, फर्जी बिल, गलत दवा क्लेम या नियमों के उल्लंघन के मामलों में अब सीधे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या हैं नए नियम?
1. मरीज का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रखना होगा
अब हर अस्पताल को मरीज के भर्ती होने (Admission) से लेकर छुट्टी (Discharge) तक का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज, डॉक्टर की सलाह, जांच रिपोर्ट और डिस्चार्ज सारांश ऑनलाइन उपलब्ध कराने होंगे।
2. 12 घंटे के भीतर TID बनाना अनिवार्य
मरीज के भर्ती होने या इलाज शुरू होने के बाद अधिकतम 12 घंटे के भीतर Transaction ID (TID) बनानी होगी। इससे इलाज और क्लेम प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और फर्जी क्लेम पर रोक लगेगी।
3. 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट अपलोड करनी होगी
अस्पतालों को सभी पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और अन्य मेडिकल जांचों की रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर RGHS पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। समय पर रिपोर्ट अपलोड नहीं होने पर क्लेम पर आपत्ति या अस्वीकृति हो सकती है।
4. दवा बिलों की होगी कड़ी जांच
अब दवा के हर बिल की विस्तृत जांच की जाएगी। बिल में दर्ज MRP, बैच नंबर, दवा का नाम और खरीद संबंधी जानकारी का मिलान किया जाएगा। यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा या ओवर-बिलिंग सामने आती है, तो संबंधित क्लेम तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अस्पताल या फार्मेसी फर्जी बिलिंग, गलत दस्तावेज, फर्जी दवा क्लेम या अन्य अनियमितताओं में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अस्पताल या फार्मेसी को RGHS पैनल से भी हटाया जा सकता है।
मरीजों को क्या फायदा होगा?
नई व्यवस्था से पात्र लाभार्थियों को पहले की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती रहेगी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी। इससे फर्जी क्लेम, सरकारी धन के दुरुपयोग और अनावश्यक भुगतान पर रोक लगेगी, जबकि वास्तविक मरीजों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
राजस्थान सरकार का मानना है कि इन नए डिजिटल नियमों से RGHS योजना अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनेगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
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